भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुए 18 अहम फैसले, FTA पर सहमति, PM मोदी ने निवेश और सहयोग पर दिया जोर
Digital UP News Desk
ऑकलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, शिक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव के रूप में न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि करीब 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा हुई है।
इस दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों और फैसलों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को नई दिशा देने के लिए 18 प्रमुख फैसलों पर सहमति जताई।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बढ़ी उम्मीदें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
FTA के माध्यम से व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करने, निवेश के अवसर बढ़ाने और दोनों देशों के कारोबारियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा, दोनों देशों ने उद्योग, कृषि, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
न्यूजीलैंड करेगा बड़े निवेश की पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड भारत में निवेश के अवसरों को लेकर सकारात्मक है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड की ओर से भारत में करीब ₹1.72 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और जनता के आपसी संबंधों पर आधारित हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देगा।
प्रवासी भारतीयों को पीएम मोदी का संबोधन
न्यूजीलैंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शामिल हुए।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब 25 से 30 वर्ष पहले वह पहली बार न्यूजीलैंड आए थे, जब वह न तो किसी सरकारी पद पर थे और न ही सार्वजनिक जीवन में उनकी कोई बड़ी पहचान थी।
उन्होंने कहा कि उस समय न्यूजीलैंड यात्रा उनके लिए एक अलग अनुभव था और आज प्रधानमंत्री के रूप में यहां आना उनके लिए विशेष अवसर है।
पीएम मोदी ने साझा की मफलर से जुड़ी याद
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पुरानी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि वह करीब 25 साल पुराना मफलर पहनकर न्यूजीलैंड आए हैं।
उन्होंने बताया कि यह मफलर उन्हें न्यूजीलैंड में ही उपहार के रूप में मिला था। पीएम मोदी ने कहा कि पुरानी यादें हमेशा विशेष होती हैं और लोगों से जुड़ाव को मजबूत करती हैं।
जनता की भावना को बताया महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के लिए केवल देश की जनसंख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि वहां के लोगों की भावनाएं और आपसी संबंध भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के लोगों के बीच लंबे समय से विश्वास और मित्रता का रिश्ता रहा है। प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल की भूमिका निभा रहे हैं।
रक्षा और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने युवाओं, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा जताई।
इसके अलावा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।
दोनों देशों का मानना है कि मजबूत साझेदारी से आने वाले समय में नए अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों के नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। व्यापार, निवेश, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों को और मजबूत करेगा।
वहीं, प्रवासी भारतीयों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का संवाद दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करने वाला माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान लिए गए फैसले भारत और न्यूजीलैंड के बीच भविष्य की साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर सकते हैं।

