कानपुर सेंट्रल पर अवैध शराब तस्करी का खुलासा, 50 हजार की शराब के साथ बिहार का तस्कर गिरफ्तार

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 रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। चेकिंग अभियान के दौरान पकड़े गए आरोपी के पास से हरियाणा की गैर-प्रांतीय अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। बरामद शराब की कीमत पुलिस के अनुसार 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। आरोपी शराब को हरियाणा से लेकर बिहार जाने की तैयारी में था।

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम लगातार संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रही थी। इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल स्टेशन परिसर के एक हिस्से में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर टीम ने एक व्यक्ति को रोककर पूछताछ की।

चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्ति पर नजर

पुलिस के मुताबिक, जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम चेकिंग कर रही थी। टीम ने हैरिशगंज पुल से सीपीसी वाशिंग लाइन की ओर जाने वाले रास्ते पर बने पावर हाउस के पास निगरानी बढ़ाई हुई थी।

इसी दौरान दोपहर करीब 12:40 बजे एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद संयुक्त टीम ने उसे रोककर पूछताछ की। व्यक्ति के सामान की जांच की गई तो उसके पास मौजूद ट्रॉली बैग में शराब की बोतलें मिलीं। पुलिस ने जब शराब की जांच की तो इसमें गैर-प्रांतीय अंग्रेजी शराब बरामद होने की पुष्टि हुई।

ट्रॉली बैग से मिली 17 बोतलें

तलाशी के दौरान आरोपी के ट्रॉली बैग से कुल 17 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इनमें 750-750 मिलीलीटर की 15 बोतल रॉयल ग्रीन और 2 बोतल रॉयल स्टैग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद शराब की कुल मात्रा 12 लीटर 750 मिलीलीटर है।

शराब को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की पहचान रंजीत कुमार के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। आरोपी बिहार के गया जिले का रहने वाला है।

हरियाणा से बिहार ले जाने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार, आरोपी हरियाणा से शराब लेकर बिहार जाने की फिराक में था। चूंकि शराब गैर-प्रांतीय बताई गई है, इसलिए पुलिस ने मामले को आबकारी कानून के तहत दर्ज किया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी शराब कहां से लेकर आया था और इसे बिहार में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

इसके अलावा, पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या आरोपी पहले भी शराब की तस्करी में शामिल रहा है या नहीं।

आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम में मुकदमा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रंजीत कुमार पुत्र महेश शर्मा, निवासी ग्राम पंचमहला, पोस्ट टिकारी, थाना टिकारी, जनपद गया, बिहार के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जीआरपी थाना कानपुर सेंट्रल में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में मु0अ0सं0 336/2026 के तहत धारा 63 आबकारी अधिनियम में कार्रवाई की गई है। बरामद शराब को नियमानुसार कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रेलवे स्टेशन पर बढ़ाई जा रही निगरानी

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में रेलवे परिसर से अवैध सामान की आवाजाही रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। इसी को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ की ओर से समय-समय पर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं।

इस कार्रवाई के बाद रेलवे परिसर में संदिग्ध सामान लेकर आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी और बढ़ाए जाने की संभावना है। विशेष रूप से ट्रॉली बैग, पार्सल और अन्य सामान की जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर टीम नजर रख रही है।

आगे की जांच में सामने आ सकती हैं अहम जानकारियां

फिलहाल पुलिस की जांच आरोपी की पूछताछ और उसके संभावित संपर्कों तक पहुंचने पर केंद्रित है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद शराब की आपूर्ति श्रृंखला से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

साथ ही, आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि जांच में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के माध्यम से अवैध शराब की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की वास्तविक स्थिति पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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