धौरहरा में सर्पदंश और सांड हमले से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक मदद
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। धौरहरा तहसील क्षेत्र में सर्पदंश और सांड के हमले से हुई दो अलग-अलग मौतों के बाद शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। दोनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई। प्रशासन की ओर से यह सहायता संबंधित परिवारों तक पहुंचाई गई है, जिससे उन्हें कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।
जानकारी के अनुसार, धौरहरा तहसील क्षेत्र के ग्राम सधुवापुर निवासी रामाधार की सांड के हमले में मौत हो गई थी। वहीं, फुसही गौड़ी निवासी रामदास की मृत्यु सर्पदंश के कारण हुई। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित परिवारों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। ऐसे में शासन की राहत व्यवस्था के तहत दोनों परिवारों के लिए चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई।
इसके बाद प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सहायता राशि से संबंधित प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर विधायक विनोद शंकर अवस्थी, उपजिलाधिकारी राशि कृष्णा और तहसीलदार आदित्य विशाल मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली सहायता के संबंध में जानकारी दी।
तहसील प्रशासन के अनुसार, सहायता राशि पहले ही भेजी जा चुकी है। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि दोनों लाभार्थियों के बैंक खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी जा चुकी है। इसके बाद प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान किए गए। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और उन्हें राहत के लिए किसी अतिरिक्त प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।
सांड के हमले में हुई थी रामाधार की मौत
ग्राम सधुवापुर निवासी रामाधार की मौत सांड के हमले के बाद हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा और खुले में घूमने वाले पशुओं के कारण कई बार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत पात्र परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत रामाधार के परिवार के लिए चार लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
प्रशासन की ओर से सहायता मिलने के बाद परिवार को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसी अपने को खोने की भरपाई आर्थिक सहायता से संभव नहीं होती, लेकिन सरकारी राहत मुश्किल समय में परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है।
सर्पदंश से रामदास की मौत
इसी तरह फुसही गौड़ी निवासी रामदास की मौत सर्पदंश के कारण हुई थी। ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में बरसात के मौसम के दौरान सर्पदंश की घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता की आवश्यकता रहती है। रामदास की मौत के बाद उनके परिवार को भी शासन की राहत व्यवस्था के अंतर्गत चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
प्रशासन ने पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सहायता राशि को लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजा। इसके बाद अधिकारियों ने प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई राहत की जानकारी दी।
प्रशासन ने बताया DBT से पहुंची राशि
तहसीलदार आदित्य विशाल ने स्पष्ट किया कि दोनों परिवारों को स्वीकृत सहायता राशि उनके बैंक खातों में पहले ही भेजी जा चुकी है। DBT व्यवस्था के जरिए सीधे बैंक खाते में राशि भेजे जाने से सरकारी सहायता में पारदर्शिता बनी रहती है। साथ ही लाभार्थियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है।
इस दौरान विधायक विनोद शंकर अवस्थी, एसडीएम राशि कृष्णा और तहसीलदार आदित्य विशाल ने परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि आपदा या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में पात्र परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहती है।
मुश्किल समय में परिवारों को मिला आर्थिक सहारा
दोनों घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग के रूप में सामने आई है। परिवारों को उम्मीद है कि यह राशि उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। वहीं, प्रशासन की ओर से भी लोगों से सर्पदंश और पशुओं से जुड़े जोखिमों के प्रति सावधानी बरतने की अपील की जाती है।
कुल मिलाकर, धौरहरा तहसील क्षेत्र में सर्पदंश और सांड के हमले से हुई दो मौतों के बाद शासन ने दोनों परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। प्रशासन के अनुसार, सहायता राशि DBT के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर पीड़ित परिवारों को शासन की राहत व्यवस्था की जानकारी दी गई।

