कस्ता क्षेत्र में बिजली कटौती से परेशान जनता, लाइनमैन और जेई से संपर्क नहीं

WhatsApp Image 2026-09-28 at 3.06.12 PM

रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। मितौली पावर हाउस से जुड़े कस्ता क्षेत्र के डलवापुर लाइन के उपभोक्ता इन दिनों बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें विभागीय कर्मचारियों से समय पर जानकारी नहीं मिल पा रही है। खास तौर पर लाइनमैन और अवर अभियंता (जेई) से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर उपभोक्ताओं को यह जानने में कठिनाई होती है कि खराबी किस स्थान पर है और बिजली आपूर्ति बहाल होने में कितना समय लगेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली से संबंधित समस्या की जानकारी के लिए उन्होंने संबंधित लाइनमैन रमेश कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर फोन रिसीव नहीं हुआ।

जेई का मोबाइल भी स्विच ऑफ होने की बात

ग्रामीणों के अनुसार, जब लाइनमैन से संपर्क नहीं हो सका तो उन्होंने मितौली क्षेत्र के जेई से जानकारी लेने का प्रयास किया। हालांकि, उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उपभोक्ताओं के सामने समस्या की वास्तविक स्थिति जानने का कोई स्पष्ट माध्यम नहीं रह जाता है।

बिजली आपूर्ति आज के समय में घरेलू कार्यों के साथ-साथ किसानों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है, तो उपभोक्ताओं के लिए समय पर सूचना मिलना जरूरी है। इसके अलावा, शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान की स्थिति जानने के लिए विभागीय संपर्क व्यवस्था भी सक्रिय रहनी चाहिए।

जानकारी के अभाव में बढ़ रही परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती होने पर सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि आपूर्ति कब तक सामान्य होगी। यदि खराबी छोटी है तो लोग कुछ समय इंतजार कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बिजली न आने पर घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।

इसके अलावा, बिजली से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या की जानकारी समय पर मिलने से उपभोक्ता अपने जरूरी कामों की योजना बना सकते हैं। लेकिन संबंधित कर्मचारियों से संपर्क न होने की स्थिति में उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से शिकायत और सूचना के लिए वैकल्पिक नंबर अथवा प्रभावी हेल्पलाइन उपलब्ध होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से की मांग

कस्ता क्षेत्र के डलवापुर लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के लिए ऐसा संपर्क माध्यम होना चाहिए, जिस पर जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी मिल सके।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति किसी तकनीकी कारण से बाधित होती है तो उपभोक्ताओं को उसकी जानकारी दी जाए। इससे लोगों को बिजली बहाली के संभावित समय का अनुमान मिल सकेगा और अनावश्यक रूप से विभागीय कर्मचारियों को बार-बार फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रभावी संपर्क व्यवस्था की जरूरत

स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, बिजली विभाग और जनता के बीच बेहतर संवाद व्यवस्था होने से कई समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर, हेल्पलाइन या अन्य माध्यम सक्रिय रहने चाहिए। साथ ही, शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम द्वारा कार्रवाई की जानकारी भी उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जानी चाहिए।

फिलहाल कस्ता क्षेत्र के डलवापुर लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं की मुख्य मांग यही है कि बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं पर विभागीय स्तर से त्वरित जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल उपभोक्ताओं की परेशानी कम होगी, बल्कि बिजली विभाग और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा जताई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा और बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

You may have missed