बौडर बारात घर बदहाल, मवेशी बांधने का बना अड्डा; ग्रामीणों ने की जीर्णोद्धार की मांग
रिपोर्ट: अशोक सिंह
असोथर/फतेहपुर। नगर पंचायत असोथर के बौडर गांव स्थित बारात घर इन दिनों बदहाली का सामना कर रहा है। लंबे समय से साफ-सफाई और नियमित देखरेख नहीं होने के कारण बारात घर का परिसर अव्यवस्थित नजर आ रहा है। बारिश के बाद परिसर में जगह-जगह कीचड़ जमा है, जबकि घास-फूस भी काफी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस बारात घर का निर्माण स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, वह वर्तमान में उपयोग के बजाय मवेशी बांधने की जगह बनकर रह गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारात घर की नियमित सफाई नहीं होने से परिसर में गंदगी और झाड़ियां फैल गई हैं। इसके अलावा भवन की स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों को शादी-विवाह समेत अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन से बारात घर की सफाई कराने के साथ-साथ भवन का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
लंबे समय से सफाई का इंतजार
बौडर निवासी कल्लू ने बताया कि बारात घर की नियमित रूप से सफाई नहीं कराई जाती है। इसके कारण परिसर में घास-फूस बढ़ती जा रही है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। परिसर में पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों का वहां पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
इसी तरह महेश पासवान, प्रमोद यादव और धर्मेंद्र पासवान ने भी बारात घर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते साफ-सफाई और मरम्मत का काम नहीं कराया गया तो भवन और परिसर की स्थिति और खराब हो सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार बारात घर स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा है। शादी-विवाह, पारिवारिक कार्यक्रम और अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान लोगों को ऐसे स्थान की जरूरत होती है। लेकिन मौजूदा स्थिति में बारात घर का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
मवेशी बांधने के लिए हो रहा इस्तेमाल
ग्रामीणों का आरोप है कि देखरेख के अभाव में बारात घर का परिसर मवेशी बांधने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए परिसर की स्थिति और खराब हो रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि नगर पंचायत प्रशासन इस ओर ध्यान दे और परिसर को व्यवस्थित कराकर दोबारा आम लोगों के उपयोग के लायक बनाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारात घर की नियमित सफाई, भवन की मरम्मत और परिसर की उचित व्यवस्था कर दी जाए तो यह सुविधा फिर से लोगों के काम आ सकती है। इससे ग्रामीणों को निजी स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने की जीर्णोद्धार की मांग
बौडर गांव के ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन से बारात घर का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत और जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भवन की स्थिति को देखते हुए जरूरी हिस्सों की मरम्मत के साथ परिसर की साफ-सफाई भी नियमित रूप से कराई जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि बारात घर की देखरेख के लिए नियमित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। उनका कहना है कि सार्वजनिक भवनों की समय-समय पर सफाई और मरम्मत होने से उनकी उपयोगिता बनी रहती है।
सभासद ने सफाई का दिया आश्वासन
मामले को लेकर वार्ड सभासद सोनू पासवान ने बताया कि बारात घर की सफाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही साफ-सफाई कराई जाएगी। इसके बाद परिसर की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
वहीं, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) हरिगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद सामने आने वाली स्थिति के आधार पर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अब ग्रामीणों को नगर पंचायत प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। यदि समय पर सफाई और आवश्यक मरम्मत का काम शुरू होता है तो बदहाल पड़े बारात घर को दोबारा उपयोगी बनाया जा सकता है। इससे बौडर गांव समेत आसपास के लोगों को शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीणों की मांग है कि बारात घर की स्थिति को केवल अस्थायी रूप से सुधारने के बजाय इसके रखरखाव की स्थायी व्यवस्था की जाए। इससे सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित रहेगी और स्थानीय लोगों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सकेगा।

