संतकबीरनगर में कांग्रेस का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका; SIR को लेकर उठाए सवाल

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रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी 

संतकबीरनगर: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर संतकबीरनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से जुलूस के रूप में निकले और खलीलाबाद तहसील के सामने पहुंचकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया।

कांग्रेस की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सामने आए हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कांग्रेस कार्यालय से तहसील तक निकाला जुलूस

प्रदर्शन की शुरुआत जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से हुई। जिलाध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुलूस के रूप में आगे बढ़े। कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए।

इसके बाद प्रदर्शनकारी खलीलाबाद तहसील के सामने पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से “वोट चोर, गद्दी छोड़” समेत कई नारे लगाए गए। ये नारे पार्टी के राजनीतिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे।

मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पात्र मतदाताओं के नाम से संबंधित शिकायतों का उचित तरीके से समाधान किया जाए।

कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पार्टी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की समीक्षा की मांग की जा रही है।

हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से SIR से जुड़े निर्णयों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।

निर्वाचन आयोग ने निर्णयों को सामूहिक मंजूरी का बताया

SIR को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच राजनीतिक बहस तेज है। हालिया रिपोर्टों में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि SIR से संबंधित आदेश आयोग के तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए हैं। आयोग ने निर्णयों में आंतरिक मतभेद को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है।

निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा मतदाता अपना नाम मौजूदा मतदाता सूची में खोजने और पिछले SIR की मतदाता सूची में भी जानकारी देखने की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इससे स्पष्ट है कि SIR को लेकर राजनीतिक दलों के सवालों के साथ-साथ निर्वाचन आयोग की ओर से प्रक्रिया और उपलब्ध सेवाओं के संबंध में आधिकारिक जानकारी भी सार्वजनिक की जा रही है।

प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम का हिस्सा प्रदर्शन

संतकबीरनगर में हुआ यह प्रदर्शन कांग्रेस के व्यापक विरोध कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया है। कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों और जिलों में SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए हैं। हाल के दिनों में कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन किया है।

कांग्रेस की ओर से 28 सितंबर को जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा भी की गई थी। पार्टी नेताओं का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को सामने रखा जा रहा है।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची की अहम भूमिका

मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का आधार होती है। किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना मतदान के अधिकार के इस्तेमाल के लिए जरूरी है। इसी वजह से निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और सुधार की प्रक्रिया संचालित करता है।

निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर नए मतदाता के पंजीकरण, आवेदन की स्थिति देखने, मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड करने और मतदाता सूची में विवरण सुधारने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

SIR-2026 के लिए भी आयोग की वेबसाइट पर पिछले SIR की मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आयोग के पोर्टल पर संबंधित राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण के आधार पर मतदाता जानकारी खोजी जा सकती है।

कांग्रेस ने आंदोलन जारी रखने की बात कही

संतकबीरनगर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाते रहेंगे। पार्टी नेताओं ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग जारी रखने की बात कही।

जिलाध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। पुतला दहन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाताओं से जुड़े मामलों की समीक्षा और शिकायतों के समाधान की जरूरत है।

वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक जानकारी और मतदाता सेवाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में संतकबीरनगर का यह प्रदर्शन SIR और मतदाता सूची को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस की स्थानीय कड़ी के रूप में सामने आया है।

फिलहाल कांग्रेस ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग SIR से संबंधित प्रक्रिया और निर्णयों को लेकर अपनी आधिकारिक स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुका है।

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