मेरठ में परतापुर फ्लाईओवर पर रेलिंग तोड़कर नीचे गिरा ट्रक, फिर पढ़िए आगे क्या हुआ?
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: परतापुर थाना क्षेत्र में रविवार को परतापुर फ्लाईओवर पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गया। टक्कर के बाद ट्रक फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरा और पेड़ों के बीच फंस गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि ट्रक तेज गति से फ्लाईओवर से गुजर रहा था। इसी दौरान चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित हो गया। स्थानीय स्तर पर चालक के नशे में होने की भी जानकारी बताई जा रही है। हालांकि, चालक की स्थिति और नशे में होने की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फ्लाईओवर की रेलिंग से टकराया ट्रक
जानकारी के अनुसार, परतापुर फ्लाईओवर पर ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। इसके बाद वह सड़क किनारे लगी रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि फ्लाईओवर की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रक रेलिंग को तोड़ते हुए नीचे की ओर चला गया।
फ्लाईओवर से नीचे गिरने के बाद ट्रक पेड़ों के बीच जाकर फंस गया। इस वजह से वाहन सीधे नीचे जमीन तक पहुंचने के बजाय पेड़ों में अटक गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों का ध्यान हादसे की ओर गया और कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और ट्रक चालक को मेडिकल जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की ओर से हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा सकती है। जांच में चालक की स्थिति, वाहन की गति, सड़क की परिस्थितियों और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को देखा जाएगा। यदि मेडिकल जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि होती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
चालक के नशे में होने की बात की जांच जरूरी
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा रही कि ट्रक चालक नशे की हालत में था और उसे नींद की झपकी भी आई थी। हालांकि, इस संबंध में अंतिम पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही होगी। इसलिए फिलहाल चालक की स्थिति को लेकर सामने आई जानकारी को आधिकारिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी यह पहलू महत्वपूर्ण है। लंबी दूरी के वाहन चालकों के लिए पर्याप्त आराम और पूरी तरह सतर्क होकर वाहन चलाना जरूरी होता है। खासकर फ्लाईओवर और हाईवे जैसे मार्गों पर तेज गति में वाहन चलाते समय थोड़ी सी असावधानी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पेड़ों में फंसने से टला बड़ा नुकसान
ट्रक के फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़कर नीचे जाने के बाद पेड़ों में फंसने की वजह से स्थिति और गंभीर होने से बच गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी। किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हालांकि, हादसे के कारण फ्लाईओवर की रेलिंग को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में संबंधित विभाग के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करना जरूरी होगा। रेलिंग की मरम्मत होने तक वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक यातायात प्रबंधन की जरूरत पड़ सकती है।
हाईवे पर जुटी लोगों की भीड़
अचानक हुए हादसे की जानकारी मिलते ही फ्लाईओवर और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। लोग ट्रक को नीचे पेड़ों के बीच फंसा देखकर घटना की जानकारी लेते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को सुरक्षित तरीके से हटाना भी एक चुनौती हो सकती है। इसके लिए क्रेन या अन्य तकनीकी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। वाहन हटाने की प्रक्रिया के दौरान भी आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि किसी अन्य वाहन या राहगीर को परेशानी न हो।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
परतापुर क्षेत्र में हाईवे और फ्लाईओवर से भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वाहन चालकों की सतर्कता सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से रात या लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को पर्याप्त आराम करना चाहिए और थकान महसूस होने पर वाहन रोककर विश्राम करना चाहिए।
इसके अलावा, नशे की हालत में वाहन चलाना यातायात सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए यदि जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। चालक की मेडिकल जांच और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मेरठ के परतापुर फ्लाईओवर पर हुआ यह हादसा राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। वहीं, घटना के बाद क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर रेलिंग की मरम्मत और सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना भी जरूरी हो गया है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

