बिजनौर में लापरवाही पर SP की कार्रवाई, तीन चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
रिपोर्ट- ताबिश मिर्जा
बिजनौर। पुलिस विभाग में शिकायतों के निस्तारण और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर बिजनौर पुलिस अधीक्षक ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने शिकायतों से जुड़े मामलों में कथित लापरवाही बरतने पर जिले के तीन चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से की गई कार्रवाई के तहत भागूवाला चौकी प्रभारी अमूल मिश्रा, बवनपुरा चौकी प्रभारी बबलू सिंह और किरतपुर कस्बा इंचार्ज दीपक नागर को लाइन हाजिर किया गया है। बताया गया है कि शिकायतों के मामलों में अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं किए जाने और लापरवाही बरतने के कारण यह कदम उठाया गया।
शिकायतों में लापरवाही पर हुई कार्रवाई
पुलिस विभाग में आम लोगों की शिकायतों का समय पर संज्ञान लेना और उनका नियमानुसार निस्तारण करना पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसी व्यवस्था के तहत पुलिस अधीक्षक स्तर से लगातार थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में शिकायतों से संबंधित मामलों में लापरवाही सामने आने के बाद तीन चौकी प्रभारियों पर कार्रवाई की गई।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को पुलिस लाइन में आमद कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य पुलिसिंग व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही को रोकना माना जा रहा है।
तीन पुलिस अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
इस कार्रवाई में भागूवाला चौकी प्रभारी अमूल मिश्रा शामिल हैं। इसके अलावा बवनपुरा चौकी प्रभारी बबलू सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, किरतपुर कस्बा इंचार्ज दीपक नागर पर भी एसपी ने कार्रवाई की है।
तीनों अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्व से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस विभाग में इस तरह की कार्रवाई का सीधा उद्देश्य अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाए रखना है। साथ ही इससे यह संदेश भी जाता है कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा।
पुलिसिंग व्यवस्था में जवाबदेही पर जोर
बिजनौर पुलिस की कार्यप्रणाली में आम जनता की शिकायतों का समाधान महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी शिकायत के मिलने के बाद उसके तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करना संबंधित पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि शिकायतों पर समय से कार्रवाई नहीं होती या मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, तो इससे लोगों में असंतोष पैदा हो सकता है।
इसी वजह से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समय-समय पर अधीनस्थ अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हैं। शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, पुलिसिंग की गुणवत्ता और जनता के साथ व्यवहार जैसे विषयों को भी प्रशासनिक समीक्षा में महत्व दिया जाता है।
एसपी के फैसले से विभाग में बढ़ी सतर्कता
तीन चौकी प्रभारियों को एक साथ लाइन हाजिर किए जाने के बाद पुलिस विभाग में सतर्कता बढ़ने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार यह प्रयास किया जाता है कि पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ काम करें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनें।
वर्तमान कार्रवाई भी इसी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, लाइन हाजिर किया जाना अपने आप में किसी अपराध या आरोप की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाता, बल्कि यह पुलिस विभाग के भीतर की प्रशासनिक कार्रवाई है। आगे की विभागीय प्रक्रिया और अधिकारियों के स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
शिकायतों के निस्तारण पर रहेगा जोर
पुलिस विभाग में शिकायतों के प्रभावी निस्तारण को लेकर वरिष्ठ अधिकारी लगातार दिशा-निर्देश जारी करते रहे हैं। किसी भी व्यक्ति की शिकायत पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करना पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए चौकी और थाना स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
बिजनौर में हुई इस कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी बढ़ सकती है। साथ ही, चौकी प्रभारियों और थाना स्तर के अधिकारियों को शिकायतों के प्रति अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करने का संदेश मिला है।

