कानपुर देहात में लगातार बारिश से चौबेपुर में दो कच्चे घर ढहे, समय रहते बाहर निकला परिवार

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रिपोर्ट: आनंद तिवारी

कानपुर देहात/बिल्हौर। पिछले करीब 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश का असर अब ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों और कोठरियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। इसी क्रम में चौबेपुर क्षेत्र के दिलीप नगर और गबड़ाहा गांव में दो कच्ची कोठरियां बारिश के चलते ढह गईं। हालांकि, दोनों घटनाओं में परिवार के सदस्यों ने समय रहते खतरे को भांप लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। दूसरी ओर, दोनों परिवारों की गृहस्थी का काफी सामान मलबे में दबकर खराब हो गया।

बारिश लगातार जारी रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई ऐसे मकान हैं, जिनकी दीवारें और छतें लंबे समय से मौसम की मार झेल रही हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने पर इनके कमजोर होने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राजस्व टीम के माध्यम से नुकसान का आकलन कराने की बात कही गई है।

दिलीप नगर में सोते समय परिवार ने भांपा खतरा

पहली घटना चौबेपुर क्षेत्र के दिलीप नगर गांव की है। यहां रहने वाले मनोज तिवारी अपनी पत्नी शकुंतला देवी और बेटियों अर्चना तथा रिया के साथ कच्ची कोठरी में सो रहे थे। रात के समय लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान कोठरी की छत के एक हिस्से से अचानक गिरने की तेज आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनते ही परिवार के सदस्यों की नींद खुल गई। स्थिति को देखते हुए सभी लोग बिना देर किए कच्ची कोठरी से बाहर निकल आए। परिवार के बाहर आने के कुछ ही देर बाद कोठरी की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। इसके बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि यदि वे समय रहते बाहर नहीं निकलते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

हालांकि, इस घटना में किसी सदस्य को चोट नहीं आई, लेकिन कोठरी के अंदर रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। बारिश के पानी और मलबे के कारण घरेलू उपयोग की कई वस्तुओं के खराब होने की जानकारी सामने आई है। परिवार के सामने अब सुरक्षित स्थान और क्षतिग्रस्त सामान की समस्या खड़ी हो गई है।

गबड़ाहा गांव में भी कच्ची कोठरी गिरी

इसी तरह दूसरी घटना गबड़ाहा गांव में हुई। यहां कमलेश बाजपेई के घर की कच्ची कोठरी भी लगातार बारिश के कारण ढह गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के पक्के हिस्से में सो रहे थे। इसलिए कच्ची कोठरी गिरने के बावजूद किसी को चोट नहीं आई।

कोठरी में रखा सामान मलबे के नीचे दब गया। इसके अलावा लगातार बारिश के कारण मलबे और पानी की वजह से कई घरेलू सामान खराब हो गए। घटना के बाद परिवार के लोगों ने आसपास के लोगों की मदद से मलबे में दबे सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ दिन से हो रही बारिश के कारण गांवों में कई कच्चे मकानों की स्थिति कमजोर हो गई है। ऐसे में यदि बारिश इसी तरह जारी रहती है तो अन्य कच्चे मकानों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

लगातार बारिश से बढ़ा कच्चे मकानों का खतरा

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान लगातार बारिश के दौरान अधिक प्रभावित होते हैं। बारिश का पानी दीवारों और छतों में नमी पैदा करता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मिट्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है और इससे मकान के किसी हिस्से के गिरने की आशंका बढ़ जाती है।

इसी वजह से प्रशासन की ओर से समय-समय पर ग्रामीणों को कमजोर और जर्जर मकानों में रहने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से रात के समय बारिश तेज होने पर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत होती है।

दिलीप नगर और गबड़ाहा में हुई घटनाओं में परिवारों का समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना राहत की बात रही। दोनों मामलों में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, गृहस्थी के सामान के नुकसान के कारण प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

राजस्व टीम करेगी नुकसान का आकलन

घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद एसडीएम मनीष कुमार ने मामले में राजस्व टीम को मौके पर भेजकर नुकसान की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर दोनों परिवारों को हुए नुकसान का आकलन करेगी।

जांच के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने की बात भी कही गई है।

फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इसके बावजूद लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि यदि किसी कच्चे मकान की दीवार, छत या अन्य हिस्सा कमजोर दिखाई दे तो वहां रहने से बचें और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।

लगातार बारिश के बीच चौबेपुर क्षेत्र में हुई इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में कमजोर और कच्चे मकानों की स्थिति की ओर ध्यान खींचा है। प्रशासन की जांच और सहायता की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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