बिल्हौर में टीन शेड में उतरा करंट, बिजली ठीक करते समय 55 वर्षीय अधेड़ की मौत
रिपोर्ट: आनंद तिवारी
बिल्हौर/कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर क्षेत्र में बारिश के बीच बिजली ठीक करने के दौरान करंट की चपेट में आने से 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा चौबेपुर थाना क्षेत्र के मालौं गांव में शनिवार दोपहर हुआ। मृतक की पहचान गांव निवासी राजेंद्र राठौड़ उर्फ मुन्ना के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घर में बिजली की खराबी ठीक करते समय पास लगे टीन शेड में करंट उतर आया था, जिसकी चपेट में आने से राजेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए और बेहोश होकर गिर पड़े।
हादसे के बाद परिजन और आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्हें पहले स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें मंधना स्थित रामा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह मिलने पर उन्हें कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
बारिश के कारण शनिवार को काम पर नहीं गए थे राजेंद्र
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र राठौड़ उर्फ मुन्ना मालौं गांव में अपने परिवार के साथ रहते थे और घड़ी फैक्ट्री में काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी नीलम, बेटी शुभी और बेटा आयुष हैं। उनकी बड़ी बेटी खुशी की शादी हो चुकी है।
क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। इसी वजह से राजेंद्र शनिवार को फैक्ट्री में काम करने नहीं गए थे। वह घर पर ही मौजूद थे। दोपहर के समय घर की बिजली में खराबी आने पर उन्होंने उसे ठीक करने का प्रयास किया। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
एमसीवी ठीक करते समय टीन शेड में आया करंट
परिजनों के मुताबिक, घर के दरवाजे के पास लगी एमसीवी (Miniature Circuit Breaker) में कुछ समस्या थी। राजेंद्र उसे ठीक करने में जुटे थे। इसी दौरान पास से गुजर रहा बिजली का तार टीन शेड के संपर्क में आ गया। तार के संपर्क में आने के बाद टीन शेड में विद्युत प्रवाह हो गया।
राजेंद्र जब बिजली ठीक करने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनका संपर्क टीन शेड से हो गया। करंट लगते ही वह उसकी चपेट में आ गए और कुछ ही देर में मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसके बाद आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। बताया गया कि लोगों ने सावधानी बरतते हुए डंडी की मदद से राजेंद्र को टीन शेड से अलग किया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू की गई।
हालत गंभीर होने पर कानपुर ले गए परिजन
करंट लगने के बाद राजेंद्र की हालत गंभीर थी। परिजन उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन राजेंद्र को मंधना स्थित रामा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति की जांच की और आगे उपचार के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिवार के लोग उन्हें इसके बाद कार्डियोलॉजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजेंद्र की मौत की खबर जैसे ही परिवार के लोगों को मिली, घर में मातम पसर गया। पत्नी नीलम और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दुखद रहा क्योंकि राजेंद्र बारिश के कारण उस दिन काम पर नहीं गए थे और घर पर ही बिजली की खराबी ठीक करने में जुटे थे।
वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों के मुताबिक राजेंद्र परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे और उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बिजली के तार के टीन शेड के संपर्क में आने से उसमें करंट उतरने की बात सामने आई है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
बारिश के मौसम में बिजली उपकरणों से सावधानी जरूरी
बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े उपकरणों और खुले तारों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। पानी और नमी के कारण बिजली के करंट का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में घर में बिजली की खराबी होने पर स्वयं तार, एमसीवी या अन्य विद्युत उपकरण ठीक करने के बजाय प्रशिक्षित बिजली मिस्त्री की मदद लेना सुरक्षित विकल्प है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विद्युत उपकरण को छूने से पहले मुख्य बिजली आपूर्ति बंद करना जरूरी है। इसके अलावा टीन शेड, लोहे के गेट या अन्य धातु की वस्तुओं के आसपास खुले या क्षतिग्रस्त बिजली तार दिखाई देने पर उनसे दूरी बनाए रखनी चाहिए।
बिल्हौर के मालौं गांव में हुआ यह हादसा बारिश के दौरान विद्युत सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाता है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

