संभल के कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी, अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए ऑडियो संदेश

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Digital UP News Desk

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में निर्माणाधीन श्री कल्कि धाम को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का दावा किया गया है। श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट के अनुसार, 24 सितंबर की रात आचार्य प्रमोद कृष्णम के निजी मोबाइल फोन पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से दो ऑडियो संदेश भेजे गए। इन संदेशों में कथित रूप से उन्हें धमकी देने के साथ ही कल्कि धाम का निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी दी गई।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा और जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, धमकी भेजने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान और उसके किसी संगठन से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए ऑडियो संदेश

आचार्य प्रमोद कृष्णम के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन पर अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार कॉल आ रही थीं। उन्होंने बताया कि इन कॉल को उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद उनके मोबाइल पर ऑडियो संदेश भेजे गए।

ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ऑडियो संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया और पंजाबी भाषा में बातचीत की। संदेश में कल्कि धाम के निर्माण कार्य को रोकने की चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है।

मीडिया रिपोर्टों में भी इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की पहचान अथवा किसी प्रतिबंधित संगठन से उसके संबंध की पुष्टि केवल जांच एजेंसियों की आधिकारिक जांच के आधार पर ही मानी जाएगी।

पुलिस और जांच एजेंसियों को दी गई जानकारी

धमकी के कथित ऑडियो सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देने की बात कही गई है। आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसका ट्रांसक्रिप्ट उत्तर प्रदेश पुलिस, संभल पुलिस, पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा गृह मंत्रालय को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

अब जांच का मुख्य फोकस ऑडियो संदेश की वास्तविकता, उसे भेजने वाले नंबर की पहचान और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने पर रहेगा। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि संदेश भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन है और उसका किसी संगठन से कोई संबंध है या नहीं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी दावा किया है कि पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें कथित रूप से धमकी देने वाले व्यक्ति के बब्बर खालसा से संबंध होने की जानकारी मिली। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।

निर्माण कार्य जारी रखने की बात

धमकी के दावे के बीच आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि वह श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य को लेकर अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों और प्रस्तावित विग्रह स्थापना के संकल्प का भी उल्लेख किया है।

उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की धमकी के बावजूद कल्कि धाम का निर्माण कार्य निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट और धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।

इस बीच, ट्रस्ट की ओर से भी आचार्य प्रमोद कृष्णम तथा कल्कि धाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके अलावा धमकी के स्रोत और ऑडियो संदेश की गंभीरता से जांच कराने की अपील की गई है।

फरवरी 2024 में हुआ था कल्कि धाम का शिलान्यास

श्री कल्कि धाम संभल जिले के एंचोड़ा कंबोह क्षेत्र में निर्माणाधीन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2024 को श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मंदिर का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है और आचार्य प्रमोद कृष्णम इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।

शिलान्यास समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने श्री कल्कि धाम मंदिर के मॉडल का भी अनावरण किया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मंदिर की परिकल्पना में भगवान के दस अवतारों से जुड़े दस गर्भगृहों का उल्लेख किया गया था।

इसलिए अब धमकी के कथित मामले ने निर्माणाधीन कल्कि धाम की सुरक्षा को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पहलू जांच एजेंसियों द्वारा ऑडियो संदेश और नंबर की तकनीकी जांच करना होगा।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है, लेकिन धमकी भेजने वाले की पहचान, उसकी वास्तविक मंशा और किसी संगठन से कथित संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए मामले से जुड़े दावों को जांच के निष्कर्ष आने तक सावधानी से देखना जरूरी है।

पुलिस और संबंधित एजेंसियां यदि ऑडियो संदेश की सत्यता और उसके स्रोत की पुष्टि करती हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। वहीं, ट्रस्ट की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

फिलहाल आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कल्कि धाम के निर्माण कार्य को जारी रखने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर होने वाली कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

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