विनोद कांबली वृद्धाश्रम में दिखे, वायरल वीडियो ने फिर बढ़ाई चिंता, बोले- यहां मिल रहा प्यार और सम्मान

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Digital UP News Desk

पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह ठाणे स्थित ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। वीडियो में कांबली वहां मिलने वाली सुविधाओं और लोगों के व्यवहार की तारीफ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि विनोद कांबली वास्तव में वृद्धाश्रम में रहने के लिए पहुंचे हैं या किसी अन्य वजह से वहां गए थे।

वीडियो में कांबली कहते हुए नजर आ रहे हैं कि यहां अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, उन्हें यहां लोगों से प्यार और सम्मान मिल रहा है। वह यह भी कहते दिखाई देते हैं कि उन्हें ऐसा महसूस नहीं हो रहा कि वह अपने घर से दूर हैं। वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच कांबली की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बीमारी और निजी परेशानियों के चलते पहले भी चर्चा में रहे कांबली

विनोद कांबली पिछले कुछ वर्षों से अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और निजी जीवन से जुड़ी चुनौतियों के कारण लगातार सुर्खियों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे, जिनमें वह चलने-फिरने में परेशानी का सामना करते दिखाई दिए थे।

कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने पहले उनकी स्वास्थ्य और याददाश्त से जुड़ी परेशानियों को लेकर चिंता जताई थी। उनके मुताबिक, कांबली को कई चीजें याद रखने में परेशानी होती है। कूटो ने यह भी दावा किया था कि कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन याददाश्त कमजोर होने के कारण उन्हें कई बार अपनी कुछ आदतों पर नियंत्रण रखने में कठिनाई होती है।

ऐसे में वृद्धाश्रम से सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर कांबली की स्थिति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, वीडियो के आधार पर उनकी वर्तमान रहने की व्यवस्था या स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

सचिन तेंदुलकर के साथ बचपन की दोस्ती

विनोद कांबली का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी दोस्ती के कारण भी खास तौर पर याद किया जाता है। दोनों ने मुंबई में बचपन से क्रिकेट साथ खेला और स्कूल स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया।

1988 में शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की ओर से खेलते हुए सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी। इस मुकाबले में कांबली ने नाबाद 349 रन बनाए थे। इस प्रदर्शन के बाद दोनों युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इसके बाद तेंदुलकर ने 1988 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि कांबली ने 1989 में रणजी ट्रॉफी के जरिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा। आगे चलकर दोनों भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे।

17 टेस्ट और 104 वनडे में बनाया रिकॉर्ड

विनोद कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट और 104 वनडे मैच खेले। उपलब्ध क्रिकेट रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1,084 रन बनाए, जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 227 रन रहा। वहीं, वनडे क्रिकेट में कांबली के नाम 2,477 रन हैं, जिसमें दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं।

कांबली का अंतरराष्ट्रीय करियर 1991 में वनडे पदार्पण के साथ शुरू हुआ था, जबकि उन्होंने 1993 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। उनका आखिरी टेस्ट 1995 में और आखिरी वनडे 2000 में रहा। इसलिए उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को केवल 1993 से 2000 तक सीमित करना सही नहीं होगा।

टेस्ट क्रिकेट में कांबली ने शुरुआत में ही अपनी बल्लेबाजी का प्रभाव छोड़ा था। उन्होंने कम समय में दोहरा शतक लगाने सहित कई यादगार पारियां खेलीं। 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 224 रन बनाए और इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ 227 रन की पारी खेली।

1996 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की याद आज भी चर्चा में

कांबली के करियर की सबसे भावुक यादों में 1996 वनडे वर्ल्ड कप का भारत-श्रीलंका सेमीफाइनल भी शामिल है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल स्थिति में पहुंच गया था।

सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी बिखर गई और टीम ने लगातार विकेट गंवाए। इसके बाद दर्शकों की नाराजगी के बीच स्टेडियम में स्थिति बिगड़ गई और मुकाबला रोकना पड़ा। अंततः श्रीलंका को विजेता घोषित किया गया। उस समय मैदान से लौटते हुए कांबली भावुक नजर आए थे। यह दृश्य उनके क्रिकेट करियर की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया।

घरेलू क्रिकेट में भी रहा शानदार रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा कांबली का घरेलू रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 129 मैचों में 9,965 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन रहा।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी शुरुआत बेहद शानदार होने के बावजूद वह लंबे समय तक भारतीय टीम में अपनी जगह कायम नहीं रख सके। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा, सचिन तेंदुलकर के साथ साझेदारी और शुरुआती टेस्ट करियर आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय है।

निजी जिंदगी भी रही चर्चा में

विनोद कांबली की निजी जिंदगी भी कई बार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रही है। उन्होंने पहले नोएला लुईस से शादी की थी, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने मॉडल एंड्रिया हेविट से विवाह किया। दोनों का एक बेटा है।

अब वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर कांबली के प्रशंसक उनके स्वास्थ्य और जीवन की परिस्थितियों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। हालांकि, वृद्धाश्रम में उनके स्थायी रूप से रहने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।

विनोद कांबली का क्रिकेट करियर भले ही अपेक्षाकृत छोटा रहा हो, लेकिन उनकी बल्लेबाजी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के यादगार खिलाड़ियों में जगह दिलाई। मौजूदा समय में वायरल वीडियो ने उनके प्रशंसकों को उनके स्वास्थ्य और जीवन को लेकर एक बार फिर भावुक कर दिया है।