मेरठ के सरधना में डीजे की तेज आवाज के बाद महिला की मौत, पअरिवर में मचा कोहराम
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी के अवसर पर बज रहे डीजे की तेज आवाज को लेकर एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि तेज आवाज के कारण उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला ने शुक्रवार को ही एक बच्चे को जन्म दिया था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
हालांकि, महिला की मौत और डीजे की तेज आवाज के बीच सीधे संबंध की अभी डॉक्टरों की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस मामले में परिजनों के आरोप और चिकित्सकीय पुष्टि के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
ऑपरेशन से हुई थी डिलीवरी, बच्चा सुरक्षित
जानकारी के मुताबिक सरधना क्षेत्र के मोहल्ला किला निवासी असलम की पत्नी यासमीन की शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी हुई थी। परिजनों के अनुसार प्रसव के बाद महिला और नवजात बच्चे की स्थिति सामान्य थी। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशी का माहौल था।
परिजनों का कहना है कि इसी दौरान आसपास गणेश चतुर्थी के अवसर पर डीजे बजाया जा रहा था। उनका आरोप है कि डीजे की आवाज काफी तेज थी। इसी बीच यासमीन की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिवार के अनुसार महिला का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया। इसके बाद उसकी हालत लगातार खराब होती चली गई। परिजनों ने उसे इलाज के लिए चिकित्सकों की निगरानी में रखा, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने तेज ध्वनि को बताया तबीयत बिगड़ने की वजह
मृतका के परिवार का आरोप है कि डीजे की तेज आवाज का महिला की तबीयत पर गंभीर असर पड़ा। उनका कहना है कि प्रसव के तुरंत बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें आशंका है कि तेज ध्वनि के कारण उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि तेज आवाज का असर उसके दिमाग पर पड़ा, जिसके बाद उसकी स्थिति लगातार गंभीर होती गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
यही वजह है कि फिलहाल महिला की मौत को सीधे तौर पर डीजे की आवाज से जोड़ना चिकित्सकीय रूप से पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। मौत के वास्तविक कारण का स्पष्ट निर्धारण डॉक्टरों की रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
त्योहारों में ध्वनि सीमा का पालन कराने की मांग
घटना के बाद मृतका के परिवार ने प्रशासन से त्योहारों के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान उत्सव का माहौल बना रहे, लेकिन इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का भी पालन होना चाहिए।
परिजनों ने प्रशासन से अपील की है कि मानक से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि की तीव्रता निर्धारित सीमा में रखी जानी चाहिए, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी न हो।
प्रशासन और चिकित्सकीय जांच पर टिकी नजर
इस मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि महिला की मौत के कारणों को लेकर चिकित्सकीय स्तर पर क्या जानकारी सामने आती है। यदि पोस्टमार्टम या चिकित्सकीय रिकॉर्ड में मौत की कोई स्पष्ट वजह सामने आती है, तो उससे मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, यदि परिवार की ओर से डीजे की तेज आवाज को लेकर कोई औपचारिक शिकायत की जाती है, तो प्रशासन या पुलिस द्वारा मामले की परिस्थितियों की जांच की जा सकती है। इसके साथ ही आयोजन के दौरान ध्वनि की स्थिति और नियमों के पालन से जुड़े तथ्यों की भी जांच का विषय हो सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला की मौत के बाद उसका परिवार सदमे में है। नवजात बच्चा सुरक्षित बताया गया है। परिवार ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्योहारों के दौरान तेज ध्वनि पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।

