मेरठ में आजाद समाज पार्टी का संपूर्ण भागीदारी आंदोलन, राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय ज्ञापन

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रिपोर्ट – मनीष पराशर

मेरठ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन की अनुमति रद्द किए जाने के विरोध में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण, प्रतिनिधित्व और वंचित वर्गों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

पार्टी के पूर्व जिला महासचिव एवं वरिष्ठ नेता मोहम्मद फहीम रंगरेज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस की ओर से कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द कर दी गई। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर देशभर के जिला मुख्यालयों पर ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

इसी क्रम में मेरठ में जिला कमेटी के साथ सातों विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

महिलाओं के 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग

ज्ञापन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग प्रमुखता से शामिल की गई। पार्टी ने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की व्यवस्था की मांग भी उठाई। इसके साथ ही स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।

पार्टी की ओर से कहा गया कि सामाजिक और राजनीतिक संस्थानों में विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

शिक्षा और आरक्षण से जुड़े मुद्दे

ज्ञापन में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के बजट से निर्मित मेडिकल कॉलेजों में SC/ST छात्रों के लिए समाप्त की गई 70 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा, विधान परिषद और उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी रखी गई।

उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी पार्टी ने अपनी मांग रखी। ज्ञापन में कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर उच्च न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की गई है। वहीं, उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता संवर्द्धन विनियम 2026 को लागू करने की मांग भी उठाई गई।

जातिगत जनगणना और OBC से जुड़े मुद्दे

आंदोलन के दौरान जातिगत जनगणना को लेकर भी पार्टी ने अपनी मांग सामने रखी। ज्ञापन में जातिगत जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम शामिल करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक जनसंख्या का पारदर्शी आकलन करने की मांग की गई।

इसके साथ ही OBC क्रीमी लेयर की आय सीमा की समीक्षा कर उसमें आवश्यक संशोधन किए जाने तथा SC, ST और OBC वर्गों को सरकारी सेवाओं में पदोन्नति के दौरान आरक्षण का लाभ देने की मांग की गई।

निजी क्षेत्र में आरक्षण और स्थायी रोजगार की मांग

आजाद समाज पार्टी की ओर से निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है। पार्टी ने लेटरल एंट्री और आउटसोर्सिंग को समाप्त कर समूह ‘क’ सहित विभिन्न पदों पर स्थायी भर्ती किए जाने की मांग रखी।

इसके अलावा 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। पार्टी का कहना है कि सामाजिक आंदोलनों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीवर सफाई और मुआवजे का मुद्दा

ज्ञापन में सीवर और सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई पूरी तरह बंद करने की मांग भी की गई है। पार्टी ने सीवर सफाई के दौरान हादसे में मृत्यु होने पर परिवार को 30 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।

इसके अलावा पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने तथा दोषियों से इसकी वसूली करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति और धार्मिक स्थलों से जुड़ी मांगें

ज्ञापन में अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गई। साथ ही बंद की गई अल्पसंख्यक छात्रवृत्तियों को दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी गई।

पार्टी नेता मोहम्मद फहीम रंगरेज ने कहा कि आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी सामाजिक न्याय तथा विभिन्न वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन, वंचित और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े अधिकारों के लिए संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखने की बात कही।

मेरठ में आयोजित यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब पार्टी ने दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद जिला मुख्यालयों पर आंदोलन का आह्वान किया था। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

बाइट: मोहम्मद फहीम रंगरेज, प्रवक्ता, आजाद समाज पार्टी

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