कृष्णा नगर से शुरू होगा ‘कचरा रहित जोन’ का प्रयोग, 50 हजार कपड़े के थैले और 20 लाख पेम्पलेट का लक्ष्य
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा। ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ अभियान को अब धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभाकक्ष में स्वच्छ ब्रज अभियान के कोर ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने की। इसमें अभियान को केवल जागरूकता गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उसके ठोस और मापनीय परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कृष्णा नगर को मॉडल ‘कचरा रहित जोन’ के रूप में विकसित करने का लिया गया। इसके माध्यम से यह देखा जाएगा कि स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, व्यापारिक संगठनों, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी से किसी बाजार क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके परिणामों के आधार पर इस मॉडल को मथुरा के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है।
ऑडियो संदेशों से होगी जागरूकता की शुरुआत
कृष्णा नगर में अभियान के पहले चरण में तीन से चार दिनों तक ऑडियो संदेशों के माध्यम से दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। इन संदेशों के जरिए लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके बाद व्यापार सभा, जिला प्रशासन, नगर निगम, ब्रज तीर्थ विकास परिषद, सामाजिक संस्थाओं और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की सहभागिता से जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली के साथ ही डोर-टू-डोर संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान नागरिकों और दुकानदारों से सीधे संवाद कर उन्हें स्वच्छता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा अभियान के दौरान प्राप्त परिणामों की समीक्षा की जाएगी। यदि मॉडल जोन में अपेक्षित सुधार दिखाई देता है तो इसी व्यवस्था को दूसरे बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्रों में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
कचरा शिकायतों के लिए दो घंटे की समय सीमा
बैठक में स्वच्छता व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। वहीं नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम अपने ऐप में सुधार कर रहा है। इसमें कचरा एवं कूड़ा संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए दो घंटे की निर्धारित समय सीमा तय की गई है। यदि इस अवधि में संबंधित शिकायत का समाधान नहीं होता है तो ऐप में दर्ज शिकायत स्वतः क्रमशः उच्च अधिकारियों तक पहुंचती जाएगी। इससे शिकायतों की निगरानी और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था के जरिए नागरिकों को भी स्वच्छता व्यवस्था से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने में सुविधा होगी।
50 हजार कपड़े के थैले उपलब्ध कराने का लक्ष्य
स्वच्छ ब्रज अभियान के तहत प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए 50 हजार कपड़े के थैले उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में बताया गया कि ये थैले सूती, प्लेन या सफेद रंग के तथा अलग-अलग आकारों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाजारों में प्लास्टिक की थैलियों के विकल्प के रूप में कपड़े के थैलों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
इसके साथ ही अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए 5 हजार फ्लेक्सी-बैनर और जनजागरूकता के लिए 20 लाख पेम्पलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इन माध्यमों से लोगों तक स्वच्छता से संबंधित संदेश पहुंचाने की योजना है।
प्लास्टिक कचरे के निस्तारण पर भी जोर
बैठक में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए बैग डिस्पेंसर मशीन लगाने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके तहत सब्जी मंडी में मशीन का ट्रायल किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में बोतल जमा करने के बदले कपड़े का थैला उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया। इसका उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को व्यवस्थित तरीके से एकत्र करना और लोगों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इससे कचरे को खुले में फेंकने की प्रवृत्ति को कम करने और कचरे के बेहतर संग्रह में मदद मिलने की उम्मीद है।
व्हाट्सएप समूहों से होगी निगरानी
अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए दुकानदारों, व्यापारिक संगठनों, स्कूल-कॉलेज, होटल संचालकों और सामाजिक संस्थाओं के अलग-अलग व्हाट्सएप एवं कार्य समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों को केंद्रीय स्तर पर समन्वित और मॉनिटर किया जाएगा।
इसके जरिए अभियान से जुड़ी गतिविधियों, आवश्यक निर्देशों और प्रगति की जानकारी संबंधित समूहों तक पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
नियम तोड़ने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना, चालान और नोटिस जैसी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को अभियान के साथ-साथ नियमों के पालन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा अभियान की सभी गतिविधियों की समयबद्ध मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया, ताकि तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति का आकलन किया जा सके।
अगले चरण में कई संस्थाएं अभियान से जुड़ेंगी
स्वच्छ ब्रज अभियान के अगले चरण में स्कूल-कॉलेजों के साथ होटल इंडस्ट्री, धर्मशालाएं, अस्पताल, विश्वविद्यालय, सिविल डिफेंस, रोटरी, लायंस क्लब और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जाएगा। इस तरह अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की योजना है।
बैठक में दीपक गोयल, विपिन सिंघल, राजेंद्र अग्रवाल, जनार्दन पोद्दार, विपुल अग्रवाल, निशांत शर्मा और अंकित बंसल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कृष्णा नगर में प्रस्तावित ‘कचरा रहित जोन’ प्रयोग को मथुरा में स्वच्छता अभियान की प्रभावशीलता परखने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि इस मॉडल के जरिए स्थानीय स्तर पर बेहतर परिणाम मिलते हैं, तो इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी बढ़ाकर स्वच्छता को नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाना है।

