रायबरेली में अखिलेश यादव की PDA यात्रा के बीच पोस्टरवार, BJP ने पोस्टर लगाकर पूछे कई सवाल

ChatGPT Image Sep 24, 2026, 02_38_31 PM

Digital UP News Desk

रायबरेली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी समाजवादी पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत की है। कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली में अखिलेश यादव की यात्रा के बीच समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच पोस्टरवार भी देखने को मिल रहा है।

अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से जहां अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं, वहीं भाजपा ने भी कई जगहों पर पोस्टर और होर्डिंग्स के जरिए सपा प्रमुख से सवाल पूछे हैं। इससे रायबरेली की सियासत में चुनावी माहौल और चर्चा दोनों तेज हो गए हैं।

रायबरेली से शुरू हुई PDA रथ यात्रा

समाजवादी पार्टी के अनुसार, अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बीच संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करना है। यात्रा का पहला चरण रायबरेली में रखा गया है।

अखिलेश यादव की प्रस्तावित यात्रा बछरावां से शुरू होकर हरचंदपुर क्षेत्र तक जाएगी। इस दौरान वह समाजवादी पार्टी के विधायक राहुल लोधी के घर भी पहुंचेंगे। इसके बाद यात्रा रायबरेली शहर की ओर बढ़ेगी, जहां अखिलेश यादव जनसभा को संबोधित करेंगे।

दरअसल, राहुल लोधी और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद अखिलेश यादव ने उनके घर जाने की बात कही थी। ऐसे में रथ यात्रा के दौरान उनका राहुल लोधी के घर पहुंचना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BJP ने पोस्टर के जरिए अखिलेश यादव से पूछे सवाल

अखिलेश यादव की यात्रा के बीच भाजपा की ओर से रायबरेली में कई पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इनमें सपा प्रमुख से अलग-अलग मुद्दों पर सवाल पूछे गए हैं।

एक पोस्टर में भाजपा की ओर से सवाल किया गया है कि “अखिलेश जी, जिस सड़क पर आप 20 करोड़ की वैनिटी वैन दौड़ा रहे हैं, वो सड़क किसने बनवाई है?” इस पोस्टर के जरिए भाजपा ने सड़क निर्माण और विकास कार्यों को लेकर सपा प्रमुख पर सवाल खड़े किए हैं।

वहीं, एक अन्य पोस्टर में भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को लेकर अखिलेश यादव से सवाल किया है। पोस्टर में पूछा गया है कि “अखिलेश जी, आप बाबू कल्याण सिंह जी को कब श्रद्धांजलि देंगे?”

इस तरह भाजपा ने अखिलेश यादव की यात्रा के दौरान पोस्टरों के जरिए कई राजनीतिक सवाल सामने रखे हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की ओर से भी अखिलेश यादव को केंद्र में रखते हुए पोस्टर लगाए गए हैं।

सपा के पोस्टरों में अखिलेश की अलग छवि

भाजपा के पोस्टरों के जवाब में समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए पोस्टरों में अखिलेश यादव को अलग राजनीतिक छवि के साथ प्रस्तुत किया गया है। कुछ पोस्टरों में उनकी तुलना भगवान कृष्ण से किए जाने की बात सामने आई है।

इससे रायबरेली में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर के जरिए राजनीतिक संदेश देने की होड़ दिखाई दे रही है। हालांकि, पोस्टरवार के बीच दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है रायबरेली

रायबरेली उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में शामिल है। यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र भी है। ऐसे में अखिलेश यादव का इसी क्षेत्र से पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत करना राजनीतिक तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

समाजवादी पार्टी की ओर से यात्रा को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अपने पीडीए समीकरण को मजबूत करने के साथ-साथ संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कॉलेज विवाद के बाद बढ़ी थी राजनीतिक हलचल

रायबरेली में हाल ही में फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सदस्यता अभियान को लेकर समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था। 17 सितंबर को हुए इस घटनाक्रम के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी थी।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई थीं। समाजवादी पार्टी ने इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखा, जबकि भाजपा से जुड़े छात्र संगठन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई थी।

इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा और राहुल लोधी के घर जाने का कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हो गया है। पार्टी नेतृत्व इस यात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

2027 चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। चुनाव में अभी समय है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा इसी तैयारी का हिस्सा है।

अखिलेश यादव की यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के साथ स्थानीय मुद्दों को भी उठाया जा रहा है। वहीं, भाजपा पोस्टर और होर्डिंग्स के माध्यम से सपा नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रही है।

फिलहाल रायबरेली में PDA रथ यात्रा के साथ शुरू हुआ पोस्टरवार आने वाले दिनों में और चर्चा में रह सकता है। दोनों दलों की ओर से अपने-अपने राजनीतिक संदेशों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। ऐसे में रायबरेली का यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक गतिविधियों की एक झलक के तौर पर देखा जा रहा है।

You may have missed