श्रावस्ती में कमलेश की मौत के बाद तनाव, पुलिस-राजस्व टीम पर सवाल; अंतिम संस्कार को लेकर सुरक्षा कड़ी
बताया जा रहा है कि मामला एक जमीन विवाद के निपटारे से जुड़ा है। इसी प्रकरण में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम सिसवारा गांव पहुंची थी। इसी दौरान 50 वर्षीय कमलेश की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों की ओर से पुलिस तथा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
गांव में तीसरे दिन भी भारी पुलिस बल तैनात
कमलेश की मौत के बाद सिसवारा गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। तीसरे दिन भी गांव और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, किसी भी अफवाह या विवाद की स्थिति को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर भी निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना और मृतक के अंतिम संस्कार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। इसी क्रम में अंतिम संस्कार के दौरान भी पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था रखने की तैयारी की गई है।
पुलिस और राजस्व विभाग पर कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस विभाग की ओर से भी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग से जुड़े लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया है।
इन कार्रवाइयों के बाद प्रशासन की ओर से यह संकेत दिया गया है कि पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जा सके।
सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मामले में सात लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। हालांकि, मुकदमे में नामजद या आरोपी बनाए गए लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पुलिस की ओर से मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक नेताओं का पीड़ित परिवार से मिलना जारी
कमलेश की मौत के बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। भीम आर्मी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं का पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला जारी है। नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधियों के गांव पहुंचने के कारण भी प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि परिवार से मुलाकात के दौरान किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।
परिवार के आरोपों की भी जांच का हिस्सा
कमलेश की मौत के बाद परिजनों की ओर से कई आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में घटना से जुड़े सभी पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जमीन विवाद के निपटारे के लिए पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के घटनास्थल पर होने तथा इसके बाद कमलेश की मौत होने के कारण पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों को जांच के दायरे में रखा गया है। अधिकारियों द्वारा की गई विभागीय कार्रवाई भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।
अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन सतर्क
कमलेश का अंतिम संस्कार आज पुलिस सुरक्षा के बीच कराया जाना है। गांव में पहले से तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न कराने की तैयारी है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
फिलहाल सिसवारा गांव में पुलिस की तैनाती बनी हुई है और अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। वहीं, पूरे मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कमलेश की मौत की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों की भूमिका को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

