एशियन गेम्स 2026: पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने जीता रजत पदक
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम में रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने शामिल थे। तीनों निशानेबाजों ने मिलकर कुल 1890.1 अंक हासिल किए और भारत को प्रतियोगिता का एक और पदक दिलाया।
चीन ने जीता स्वर्ण, भारत को रजत
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों का मुकाबला बेहद मजबूत टीमों से रहा। भारत ने 1890.1 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि चीन की टीम ने 1899.0 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया ने 1841.4 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
चीन की टीम में शेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग शामिल थे। चीन का 1899.0 का स्कोर क्वालिफिकेशन विश्व रिकॉर्ड के बराबर दर्ज किया गया। ऐसे में भारतीय टीम के लिए रजत पदक हासिल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
तीनों भारतीय निशानेबाजों का योगदान
भारतीय टीम के प्रदर्शन में रुद्रांक्ष पाटिल ने 631.8 अंक हासिल कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 अंक जुटाए, जबकि पार्थ माने ने 628.3 अंक बनाए। तीनों के संयुक्त प्रदर्शन से भारत का कुल स्कोर 1890.1 अंक रहा।
इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि टीम स्पर्धा में केवल व्यक्तिगत कौशल ही नहीं, बल्कि लगातार एकाग्रता और आपसी तालमेल भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। तीनों खिलाड़ियों ने दबाव के बीच अपने प्रदर्शन को बनाए रखा और भारत के लिए रजत पदक सुनिश्चित किया।
रुद्रांक्ष और हिमांशु ने व्यक्तिगत फाइनल में भी बनाई जगह
टीम स्पर्धा के साथ ही पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए भी भारतीय निशानेबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन किया। रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लों ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। क्वालिफिकेशन में रुद्रांक्ष ने 631.8 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि हिमांशु 630.0 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे।
इस तरह भारतीय निशानेबाजी टीम के लिए प्रतियोगिता का यह चरण दोहरी उपलब्धि लेकर आया। एक तरफ पुरुष टीम ने रजत पदक जीता, वहीं दो निशानेबाजों ने व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर पदक की उम्मीदों को भी कायम रखा।
शूटिंग में भारत का लगातार अच्छा प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग दल ने शुरुआत से ही पदक जीतने की क्षमता दिखाई। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम का रजत भारत का शूटिंग में शुरुआती पदकों में शामिल रहा। इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम ने भी रजत पदक जीता था। इसके अलावा एलावेनिल वलारिवान ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया।
इसलिए पुरुष टीम का रजत पदक भारतीय शूटिंग अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया। लगातार पदक मिलने से भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन पर भी ध्यान बढ़ा है।
टीमवर्क और एकाग्रता ने दिलाई सफलता
10 मीटर एयर राइफल जैसी स्पर्धा में निशानेबाजों के लिए एकाग्रता, तकनीकी नियंत्रण और मानसिक संतुलन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। टीम स्पर्धा में तीनों खिलाड़ियों के स्कोर को जोड़कर अंतिम परिणाम तय होता है। ऐसे में हर निशानेबाज का प्रदर्शन टीम के कुल स्कोर को प्रभावित करता है।
भारतीय टीम ने 1890.1 अंक जुटाकर रजत पदक हासिल किया। वहीं, चीन ने 1899.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों टीमों के बीच अंतर 8.9 अंकों का रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने को रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने भारतीय टीम के प्रदर्शन में एकाग्रता, निरंतरता और टीमवर्क को रेखांकित किया।
आगे भी पदक की उम्मीद
भारतीय निशानेबाजों के लिए एशियन गेम्स 2026 में अभियान अभी आगे जारी है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम के रजत पदक के बाद व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों पर नजर रहेगी। रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लों का व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचना भारतीय दल के लिए अतिरिक्त उत्साह का विषय रहा।
कुल मिलाकर, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम का रजत पदक भारतीय निशानेबाजी की मजबूत शुरुआत को दर्शाता है। रुद्रांक्ष, हिमांशु और पार्थ ने संयुक्त रूप से 1890.1 अंक हासिल कर भारत को पोडियम तक पहुंचाया। वहीं, चीन के 1899.0 अंक के साथ स्वर्ण जीतने के बाद भारत ने रजत और दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक हासिल किया।

