जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी पर नगर निगम सख्त, 15 दिन में हर जोन में बनेगी हेल्प डेस्क
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में नागरिकों को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में महापौर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर नगर आयुक्त (प्रथम) तथा सभी संबंधित जोनल अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाना था, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि कई जोनों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन तक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर नागरिकों को यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि दिल्ली से नगर निगम की वेबसाइट बंद है, जिसके कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा सकते।
इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जुलाई में बढ़ती है जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता
बैठक में महापौर ने कहा कि वर्तमान समय में जुलाई माह चल रहा है और अधिकांश विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।
ऐसे में बड़ी संख्या में अभिभावकों को अपने बच्चों के प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है। यदि समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होंगे तो बच्चों के प्रवेश पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को मूलभूत सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
नगर आयुक्त ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
बैठक के दौरान नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि भारत सरकार का सीआरएस (Civil Registration System) पोर्टल पूरी तरह संचालित है और उसके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आती है तो उसका समाधान स्थानीय स्तर पर किया जाए और नागरिकों को गलत जानकारी न दी जाए।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नगर निगम मुख्यालय स्थित रिकॉर्ड रूम का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था से जोनों में सत्यापन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी।
परिणामस्वरूप प्रमाण पत्र जारी करने में लगने वाला समय भी कम होने की संभावना है।
15 दिनों में सभी जोनों में बनेगी हेल्प डेस्क
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि नगर निगम के प्रत्येक जोन में अगले 15 दिनों के भीतर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी।
इन हेल्प डेस्क का उद्देश्य जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं का समाधान करना, नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करना होगा।
इसके अलावा हेल्प डेस्क पर नियुक्त कर्मचारी नागरिकों को आवेदन की स्थिति, आवश्यक दस्तावेज तथा ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे। इससे आम लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
रिकॉर्ड प्रबंधन को बनाया जाएगा अधिक व्यवस्थित
बैठक में यह भी सामने आया कि एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के मामलों में एसीएम (अपर नगर मजिस्ट्रेट) की अनुमति का समुचित रिकॉर्ड कई स्थानों पर उपलब्ध नहीं था।
इस कमी को गंभीर प्रशासनिक त्रुटि मानते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय को भी निर्देशित किया गया कि नगर निगम से अग्रसारित किए जाने वाले सभी प्रपत्रों का अलग से व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाए।
इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के सत्यापन अथवा जांच के दौरान दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता
नगर निगम द्वारा रिकॉर्ड रूम के डिजिटलीकरण को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अधिक तेज होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित भी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली लागू होने से फाइलों के गुम होने, रिकॉर्ड खोजने में लगने वाले समय तथा अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी।
इसके अतिरिक्त नागरिकों को भी समय पर सेवाएं प्राप्त होंगी, जिससे नगर निगम के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य केवल प्रमाण पत्र जारी करना ही नहीं बल्कि पूरी प्रक्रिया को नागरिक हितैषी बनाना भी है।
हेल्प डेस्क की स्थापना, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तथा अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।
यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है तो जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो सकती है।
साथ ही नागरिकों को आवेदन की स्थिति जानने, दस्तावेजों के सत्यापन तथा अन्य औपचारिकताओं के लिए कम समय देना पड़ेगा।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जोन-1 के जोनल अधिकारी विद्या सागर यादव, जोन-2 के जोनल अधिकारी विजय कुमार, जोन-5 के जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने जोनों में व्यवस्था सुधारने और नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम द्वारा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में सुधार के लिए उठाए गए कदम आम नागरिकों के लिए राहत भरे साबित हो सकते हैं।
विशेष रूप से प्रत्येक जोन में हेल्प डेस्क की स्थापना, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और आवेदन प्रक्रिया की नियमित निगरानी से प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।
वहीं, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यदि सभी निर्देश निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू होते हैं, तो आने वाले दिनों में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन सकती है।

