यूपी के बलरामपुर में कक्षा-2 की छात्रा की अचानक मौत, DJ की तेज आवाज पर उठे सवाल

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Digital UP News Desk

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक निजी स्कूल की कक्षा-2 में पढ़ने वाली सात वर्षीय छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब स्कूल के आसपास से गणेश प्रतिमा विसर्जन का जुलूस गुजर रहा था और उसमें तेज आवाज में डीजे बजने की बात सामने आई। बच्ची की मौत के बाद स्कूल प्रबंधन और परिजनों की ओर से तेज आवाज को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि छात्रा की मौत डीजे की आवाज के कारण ही हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कक्षा में अचानक बिगड़ी छात्रा की तबीयत

जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर नगर क्षेत्र स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा-2 की छात्रा वैष्णवी तिवारी पढ़ती थी। सोमवार को वह रोज की तरह स्कूल पहुंची थी। कक्षा में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छात्रा अपनी सीट से उठी और कुछ ही देर में नीचे गिर पड़ी।

बताया गया है कि कुछ समय बाद बच्ची ने दोबारा संभलने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत फिर बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना से कक्षा में मौजूद शिक्षक और अन्य छात्र घबरा गए। इसके बाद शिक्षकों ने तत्काल बच्ची को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान बज रहा था DJ

घटना के समय स्कूल के पास से गणेश प्रतिमा विसर्जन का जुलूस गुजर रहा था। विभिन्न रिपोर्टों में बताया गया है कि जुलूस में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी दौरान स्कूल की कक्षा में बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी।

स्कूल प्रबंधन ने भी जुलूस में तेज आवाज में डीजे बजने की बात कही है। डिवाइन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक आशीष उपाध्याय के अनुसार, स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना का पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। प्रबंधन का दावा है कि जिस समय छात्रा की तबीयत बिगड़ी, उस समय बाहर विसर्जन जुलूस में डीजे बज रहा था।

हालांकि, किसी घटना के समय दो चीजों का एक साथ होना अपने आप में कारण साबित नहीं करता। छात्रा की मौत की चिकित्सकीय वजह क्या थी और क्या तेज आवाज का उससे कोई सीधा संबंध था, इसका निष्कर्ष जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा। पुलिस भी सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

CCTV फुटेज से सामने आया घटनाक्रम

घटना के बाद स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की चर्चा भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में छात्रा कक्षा में अन्य बच्चों के साथ सामान्य रूप से बैठी दिखाई देती है। इसके बाद अचानक उसकी गतिविधियों में बदलाव आता है और वह अपनी सीट से उठकर गिरती नजर आती है।

कक्षा के बाहर से जुलूस और डीजे की आवाज आने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज घटना का क्रम तो दिखा सकता है, लेकिन केवल फुटेज के आधार पर मौत का चिकित्सकीय कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। इसके लिए मेडिकल जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से सीसीटीवी फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में मौत की आधिकारिक चिकित्सकीय वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है। इसलिए डीजे की तेज आवाज को सीधे तौर पर मौत का कारण बताना फिलहाल जांच के निष्कर्ष से पहले होगा।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घटना के दौरान आसपास धार्मिक जुलूस निकल रहा था और तेज आवाज में डीजे बजने की बात सामने आई। इसके बाद शहर में ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी चर्चा शुरू हुई।

तेज आवाज और सार्वजनिक आयोजनों पर उठे सवाल

बच्ची की मौत के बाद बलरामपुर में तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद नगर क्षेत्र में डीजे के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध संबंधी निर्णय भी सामने आया है।

धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में संगीत और ध्वनि व्यवस्था का इस्तेमाल आम है, लेकिन ऐसे आयोजनों के दौरान आसपास मौजूद स्कूल, अस्पताल और आवासीय क्षेत्रों का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। खासतौर पर स्कूलों और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास ध्वनि स्तर को लेकर प्रशासनिक निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल बलरामपुर की इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल बच्ची की मौत की वास्तविक वजह को लेकर है। परिवार के लिए यह बेहद दुखद घटना है, वहीं जांच एजेंसियों के सामने घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। पुलिस जांच और चिकित्सकीय तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।