मुरादाबाद के नए डीएम बने अनुनय झा, हरदोई से तबादले के बाद संभाली जिले की कमान – पढ़िए क्या कहा?
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद मुरादाबाद को नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी अनुनय झा ने बुधवार को मुरादाबाद के नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले वह हरदोई के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शासन स्तर पर हुए आईएएस अधिकारियों के तबादले के तहत उन्हें मुरादाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अनुनय झा के मुरादाबाद पहुंचने के साथ ही जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव हुआ है। अब उनके सामने जिले से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकासात्मक मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, मुरादाबाद के पूर्व जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया का तबादला कर उन्हें लखनऊ में विशेष सचिव, कारागार प्रशासन एवं सुधार की जिम्मेदारी दी गई है।
हरदोई से मुरादाबाद पहुंचे अनुनय झा
अनुनय झा इससे पहले हरदोई के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उन्हें मई 2025 में हरदोई की जिम्मेदारी मिली थी। अब प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें मुरादाबाद का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद से पहले वह महराजगंज के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। इसके अलावा उनके प्रशासनिक करियर में मथुरा नगर आयुक्त और अलीगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी जैसी जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं।
इस तरह मुरादाबाद उनके लिए एक और महत्वपूर्ण जिला प्रशासनिक जिम्मेदारी है। कार्यभार संभालने के बाद अब उनका फोकस जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों और जन शिकायतों से जुड़े विषयों पर रहने की उम्मीद है।
IIT रुड़की से इंजीनियरिंग, फिर UPSC में सफलता
अनुनय झा की शैक्षणिक और प्रशासनिक यात्रा भी चर्चा में रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने IIT रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
खास बात यह है कि उन्होंने UPSC परीक्षा एक बार नहीं, बल्कि दो बार पास की। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2013 में अपने पहले प्रयास में उन्हें 145वीं रैंक मिली और उनका चयन IRS के लिए हुआ। इसके बाद IAS बनने के लक्ष्य के साथ उन्होंने दोबारा परीक्षा दी। वर्ष 2014 की परीक्षा में उन्हें 57वीं रैंक मिली और वह 2015 बैच के IAS अधिकारी बने।
इस उपलब्धि के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश कैडर में प्रशासनिक सेवा शुरू की और अलग-अलग पदों पर काम करते हुए जिला स्तर पर भी जिम्मेदारियां संभालीं।
परिवार में भी रहा है सिविल सेवा का माहौल
अनुनय झा के परिवार का भी सिविल सेवा से जुड़ा बैकग्राउंड रहा है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता नित्यानंद मिश्रा IRS अधिकारी रह चुके हैं। वहीं, उनकी मां अल्का झा भारतीय डाक बोर्ड से जुड़ी रही हैं। उनके नाना भी IPS अधिकारी रहे और बिहार के DGP की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इस पारिवारिक माहौल ने प्रशासनिक सेवा के प्रति उनकी रुचि को प्रभावित किया। हालांकि, उनकी अपनी शैक्षणिक यात्रा और UPSC में दो बार सफलता भी उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
मुरादाबाद में किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?
अब जब अनुनय झा ने मुरादाबाद के जिलाधिकारी का पद संभाल लिया है, तो जिले की कई स्थानीय और प्रशासनिक प्राथमिकताएं उनके सामने रहेंगी। इनमें शहर की यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, जलभराव, जन शिकायतों का निस्तारण और विकास कार्यों की निगरानी प्रमुख विषय हो सकते हैं।
इसके अलावा जिले में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना भी जिलाधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व संबंधी मामलों की निगरानी और आम लोगों की समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई भी जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहती है।
वहीं, मुरादाबाद एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्र है। पीतल उद्योग से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ शहर की बुनियादी सुविधाएं भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में नए जिलाधिकारी की कार्यशैली पर स्थानीय लोगों और विभिन्न वर्गों की नजर रहेगी।
जन शिकायतों के निस्तारण पर भी नजर
जिला प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में नए जिलाधिकारी के सामने यह भी चुनौती होगी कि लोगों की शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सरकारी परियोजनाओं की निगरानी और विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय भी उनकी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
मुरादाबाद को नई प्रशासनिक दिशा की उम्मीद
अनुनय झा के मुरादाबाद का डीएम बनने के बाद अब जिले में प्रशासनिक स्तर पर नई शुरुआत हुई है। उनके पास पहले से जिला प्रशासन और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम करने का अनुभव है। इसलिए आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह मुरादाबाद की स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
फिलहाल, नए जिलाधिकारी के रूप में अनुनय झा ने मुरादाबाद की कमान संभाल ली है। अब जिले के विकास कार्यों, जन शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक समन्वय के मोर्चे पर उनके कार्यकाल को लेकर लोगों की उम्मीदें बनी हुई हैं।

