यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: BJP के 8 संभावित चेहरे, जातीय संतुलन से लेकर रिपीट नेताओं तक चर्चा तेज

ChatGPT Image Sep 23, 2026, 11_55_07 AM

Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होकर 6 अक्टूबर तक चलेगी।

उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें वर्तमान में आठ सीटें बीजेपी के पास हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। इन सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले सबसे अधिक चर्चा बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम है राज्यसभा चुनाव

राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसलिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक समीकरणों, संगठनात्मक जरूरतों और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिए जाने की चर्चा है।

मौजूदा विधानसभा गणित के आधार पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की स्थिति मजबूत मानी जा रही है और विभिन्न रिपोर्टों में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के आठ सीटें जीतने की संभावना बताई गई है। हालांकि, अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नामांकन, दलों की रणनीति और मतदान के समय सामने आने वाले समीकरणों पर निर्भर करेगी।

इसलिए बीजेपी के सामने केवल मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका देने का सवाल नहीं है, बल्कि नए चेहरों के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती भी है।

ब्राह्मण चेहरे को लेकर चर्चा

बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा है। मौजूदा आठ बीजेपी सदस्यों में से डॉ. दिनेश शर्मा की सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है। डॉ. शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है, जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था।

ऐसे में पार्टी के सामने ब्राह्मण प्रतिनिधित्व बनाए रखने का विकल्प है। राजनीतिक हलकों में हरीश द्विवेदी और अर्चना मिश्रा जैसे नामों की चर्चा की जा रही है। हरीश द्विवेदी को हाल ही में बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद उनकी दावेदारी को लेकर अटकलें और तेज हुई हैं।

हालांकि, अभी तक बीजेपी ने किसी भी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए इन नामों को फिलहाल संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा पर भी नजर

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्र सरकार में मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा बीएल वर्मा का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है। दोनों नाम संभावित रूप से फिर से चर्चा में हैं।

राज्यसभा में दोबारा भेजे जाने का फैसला पार्टी नेतृत्व के आगामी संगठनात्मक और केंद्रीय राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा। खासकर केंद्रीय मंत्रियों के मामले में राज्यसभा सदस्यता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि मंत्री पद के लिए संसद के किसी सदन की सदस्यता आवश्यक होती है।

इस लिहाज से दोनों नेताओं के भविष्य को लेकर पार्टी के अगले फैसले पर नजर रहेगी।

स्मृति ईरानी की भी हो सकती है वापसी

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी संभावित चेहरों की चर्चाओं में है। बीजेपी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी राजनीतिक पहचान को देखते हुए उनके राज्यसभा में लौटने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर भी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

रेखा वर्मा मजबूत दावेदारों में शामिल

ओबीसी प्रतिनिधित्व के लिहाज से रेखा वर्मा का नाम भी चर्चा में है। वह लोकसभा की पूर्व सांसद और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में पार्टी यदि सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर नए चेहरे को अवसर देती है तो उनका नाम संभावित सूची में देखा जा सकता है।

वहीं, दलित प्रतिनिधित्व के संदर्भ में मौजूदा सांसद ब्रजलाल की जगह किसी नए चेहरे को मौका दिए जाने या उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजे जाने को लेकर भी चर्चा है।

नीरज शेखर और अन्य मौजूदा सांसदों पर भी नजर

बीजेपी के मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में नीरज शेखर, अरुण सिंह और गीता शाक्य के नाम भी महत्वपूर्ण हैं। इन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और अब पार्टी यह तय करेगी कि इन्हें दोबारा मौका दिया जाए या नए चेहरों को आगे लाया जाए। मौजूदा सदस्यों की वापसी संगठन में उनके योगदान, राजनीतिक जरूरतों और आगामी चुनावी रणनीति से जुड़ी हो सकती है।

इस बीच, राज्यसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम सामने आने के बाद उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं और तेज होना स्वाभाविक है। नामांकन शुरू होने के बाद ही तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट होगी।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

निर्वाचन आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद शाम 5 बजे मतगणना शुरू की जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है।

राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। ऐसे में विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या उम्मीदवारों के चयन और चुनावी गणित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कुल मिलाकर, यूपी राज्यसभा चुनाव 2026 में बीजेपी के सामने आठ सीटों को लेकर संभावित उम्मीदवारों के चयन का सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। एक तरफ मौजूदा नेताओं को दोबारा मौका देने की चर्चा है, तो दूसरी ओर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के लिए नए चेहरों को शामिल करने की संभावनाएं भी बनी हुई हैं। अब सभी की नजर बीजेपी की आधिकारिक उम्मीदवार सूची पर है, जिससे यह साफ होगा कि पार्टी किन नेताओं पर भरोसा जताती है।