लखीमपुर खीरी के टाउन में खुलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, शासन ने फिर मांगी डिमांड
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना का रास्ता अब आसान होता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रही खीरी विकास समिति के प्रयासों के बाद शासन ने एक बार फिर जिला मुख्यालय से नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता और उनकी संख्या से संबंधित डिमांड मांगी है। इससे कस्बे के लोगों में जल्द आंगनबाड़ी केंद्र शुरू होने की उम्मीद जगी है।
खीरी विकास समिति के अध्यक्ष आमिर रजा ने इस पहल को अपने लंबे संघर्ष का सकारात्मक परिणाम बताया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना हो जाती है तो इससे क्षेत्र के नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
आजादी के बाद से आंगनबाड़ी केंद्रों की मांग
लखीमपुर जिला मुख्यालय से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित नगर पंचायत खीरी लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधा से वंचित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कस्बे में आजादी के बाद से अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित नहीं हो सके हैं।
यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कस्बे के अनेक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की जरूरत महसूस की जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। वहीं, गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी तथा विभागीय सेवाओं से जोड़ने में भी इन केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वर्ष 2015 से लगातार संघर्ष कर रही खीरी विकास समिति
नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की मांग को लेकर खीरी विकास समिति वर्ष 2015 से लगातार प्रयास कर रही है। समिति की ओर से वर्ष 2015, 2016, 2018, 2023 और जनवरी 2026 में कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं।
समिति के मुताबिक, अब तक लगभग एक दर्जन पत्र बाल विकास विभाग, लखीमपुर खीरी के कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी और प्रदेश एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों तक भेजे गए हैं।
इसके बावजूद लंबे समय तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। हालांकि, वर्ष 2016 में केंद्रीय सचिवालय और प्रदेश स्तर के विभागीय कार्यालय की ओर से भी कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के लिए मांग संबंधी जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद भी केंद्र स्थापित नहीं हो पाए।
अब एक बार फिर शासन की ओर से जिला मुख्यालय से डिमांड मांगे जाने के बाद इस मांग को पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी से मिले समिति के अध्यक्ष आमिर रजा
इस मामले को लेकर खीरी विकास समिति के अध्यक्ष आमिर रजा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद से मुलाकात की। उन्होंने नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के संबंध में अब तक हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया की जानकारी मांगी।
इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से पूर्व में प्राप्त मांग के आधार पर खीरी नगर पंचायत को आकांक्षा योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता और संख्या से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से संबंधित डिमांड भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही खीरी कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि, केंद्रों की वास्तविक संख्या और उनके शुरू होने की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ
खीरी विकास समिति का कहना है कि नगर पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र खुलने से सबसे अधिक लाभ बच्चों और महिलाओं को मिलेगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ये केंद्र काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को पूरक पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी जानकारी और प्रारंभिक बाल देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को भी पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं से जोड़ा जाता है।
इसके साथ ही बच्चों के विकास की निगरानी और कुपोषण की पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी आंगनबाड़ी व्यवस्था के तहत किए जाते हैं। ऐसे में नगर पंचायत खीरी में इन केंद्रों की स्थापना स्थानीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से लगभग 150 लोगों को रोजगार की उम्मीद
खीरी विकास समिति के अध्यक्ष आमिर रजा ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना से केवल बच्चों और महिलाओं को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
उनके अनुसार, केंद्रों की स्थापना से खीरी क्षेत्र के लगभग 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम करने का अवसर मिल सकेगा।
आमिर रजा ने कहा कि समिति को उम्मीद है कि शासन और प्रशासन जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खीरी विकास समिति क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना प्रयास जारी रखेगी।
मांग पूरी होने की उम्मीद से स्थानीय लोगों में उत्साह
नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अब शासन की ओर से दोबारा डिमांड मांगे जाने और जिला स्तर पर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी मिलने से स्थानीय लोगों को उम्मीद बंधी है।
कुल मिलाकर, खीरी विकास समिति के लगातार प्रयासों के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलती है तो खीरी टाउन के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकेंगी।

