भारत U-19 बनाम ऑस्ट्रेलिया: अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग पर नजरें, तीसरे यूथ वनडे का रोमांच
Digital UP News Desk
भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 क्रिकेट टीमों के बीच जारी यूथ वनडे सीरीज का रोमांच अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गया है। तीन मैचों की सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम की नजरें जीत के साथ सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर हैं। इस मुकाबले के साथ ही युवा बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दोनों खिलाड़ियों के नाम भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग से जुड़े होने के कारण भी इस सीरीज पर विशेष नजर है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन यूथ वनडे मुकाबलों की सीरीज राजकोट में आयोजित की जा रही है। पहला मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा, जिसे 20 ओवर का कर दिया गया था। इस मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 7 रन से हराया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 103 रन से जीत दर्ज की। इस तरह भारत सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुका है और अब तीसरे मुकाबले में उसकी कोशिश लगातार तीसरी जीत हासिल करने की होगी।
अन्वय द्रविड़ की बल्लेबाजी पर नजर
पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भारत की अंडर-19 वनडे टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में जगह मिली है। वह इससे पहले जुलाई 2026 में श्रीलंका के खिलाफ भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं। श्रीलंका दौरे के दौरान उन्होंने दूसरे यूथ वनडे में 87 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। ऐसे में उनसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उपयोगी पारियों की उम्मीद की जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मुकाबले में अन्वय ने तेज बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। बारिश के कारण मैच 20 ओवर का होने के बाद भारतीय पारी में उन्हें तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने 18 गेंदों पर 38 रन बनाए। उनकी इस पारी में चौके और छक्के शामिल रहे और उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। इस तेज पारी ने भारत के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया।
हालांकि दूसरे मुकाबले में अन्वय बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बावजूद पूरी सीरीज में उनकी बल्लेबाजी पर नजर बनी हुई है। खासतौर पर विकेटकीपिंग और मध्यक्रम में उनकी भूमिका भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
आर्यवीर सहवाग के लिए बड़ा मौका
दूसरी ओर, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को पहली बार भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह दौरा उनके लिए भारतीय टीम के स्तर पर खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। चयन के बाद से ही क्रिकेट प्रशंसकों की नजर उनके प्रदर्शन पर बनी हुई है।
पहले यूथ वनडे में आर्यवीर ने 26 गेंदों पर 28 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके शामिल थे। इसके बाद दूसरे मुकाबले में उन्होंने 31 गेंदों पर 40 रन की तेज पारी खेली। हालांकि वह अर्धशतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी शुरुआत ने भारतीय पारी को गति देने में मदद की।
आर्यवीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें लगातार उच्च स्तर के युवा क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। हालांकि उनके पिता वीरेंद्र सहवाग भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम रहे हैं, लेकिन आर्यवीर के प्रदर्शन का आकलन उनके अपने खेल के आधार पर ही किया जाएगा।
भारत की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप पर
पहले दोनों मुकाबले जीतने के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ तीसरे मैच में उतर रही है। पहले मैच में भारत ने 182 रन बनाए थे और बारिश से प्रभावित मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 175 रन तक रोककर 7 रन से जीत दर्ज की। वहीं दूसरे मैच में भारत ने 50 ओवर में 341 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने 342 रन का लक्ष्य रखा और 103 रन से मुकाबला अपने नाम किया।
दूसरे मुकाबले में यशबर्धन चौहान भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे। उन्होंने 100 गेंदों पर 122 रन की शानदार पारी खेली। इसके अलावा वीके विनीत ने 87 रन बनाए और आर्यवीर सहवाग ने 40 रन की तेज पारी खेली। इसलिए तीसरे मुकाबले में भी भारतीय बल्लेबाजी क्रम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
तीसरा यूथ वनडे आज राजकोट में
भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच तीसरा यूथ वनडे 23 सितंबर 2026 को राजकोट में खेला जा रहा है। इसके बाद दोनों टीमों के बीच दो मल्टी-डे मुकाबले भी निर्धारित हैं। पहला मल्टी-डे मैच 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में और दूसरा 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद में खेला जाएगा।
इस तरह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह दौरा युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए केवल वनडे सीरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे प्रारूप में भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। हालांकि अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग को लेकर चर्चा अधिक है, लेकिन टीम में यशबर्धन चौहान, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा और अन्य युवा खिलाड़ियों की भूमिका भी अहम रहेगी।
दिग्गजों के बेटों पर रहेगी खास नजर
भारतीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग का नाम लंबे समय तक याद किया जाएगा। दोनों ने भारतीय टीम के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब उनके बेटों के एक ही अंडर-19 टीम में दिखाई देने से क्रिकेट प्रशंसकों के बीच स्वाभाविक रूप से उत्सुकता बढ़ी है। हालांकि दोनों युवा खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रदर्शन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाना है।
फिलहाल भारत सीरीज में 2-0 से आगे है और तीसरा मुकाबला युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक और अवसर है। अन्वय द्रविड़ की आक्रामक बल्लेबाजी और आर्यवीर सहवाग की तेज शुरुआत पर दर्शकों की नजरें रहेंगी। साथ ही भारतीय टीम की कोशिश सीरीज का अंत भी जीत के साथ करने की होगी।

