योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं अधिकारी: प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा
रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विकासपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेवा संकल्प अभियान समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। साथ ही, सभी योजनाओं और विकास कार्यों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। इसलिए अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों का सही चयन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है, जब उसका लाभ संबंधित व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। इसके साथ ही जहां कहीं भी किसी प्रकार की समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए। प्रभारी मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विकास कार्यों में समयसीमा और गुणवत्ता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
सेवा संकल्प अभियान की हुई समीक्षा
बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से अभियान के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू किए गए अभियान के तहत विभागों को जो जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, उनका प्रभावी ढंग से अनुपालन किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग की गतिविधियों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
प्रभारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी, ताकि अभियान से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सके।
स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए इन क्षेत्रों में संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। साथ ही, सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।
जल जीवन मिशन में स्थलीय सत्यापन के निर्देश
बैठक में जल जीवन मिशन की भी समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति को लेकर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को टीम गठित कर स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर पेयजल आपूर्ति की स्थिति का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाए। स्थलीय सत्यापन के माध्यम से यह देखा जाए कि ग्रामीणों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो रहा है या नहीं।
इसके अलावा, जहां पेयजल आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या सामने आती है, वहां उसके समाधान के लिए आवश्यक कदम समय से उठाए जाएं। इससे जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी और जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सकेगा।
विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
प्रभारी मंत्री ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से विद्यालयों में भवन, कक्ष, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के माध्यम से वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बैठक में बताया कि जिले के कुछ विद्यालयों में भवन और कक्ष से संबंधित कार्य जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के माध्यम से कराने की प्रक्रिया चल रही है। इससे संबंधित विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोड़ ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जो निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र हैं।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लाभार्थियों के चयन और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही, योजनाओं की निगरानी और प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से करने पर भी जोर दिया।
समयबद्ध अनुपालन का भरोसा
बैठक के अंत में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध तरीके से अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशों के अनुसार कार्य करने और योजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी समेत विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
कुल मिलाकर, समीक्षा बैठक में जिले में संचालित जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई देना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

