जल जीवन मिशन की पाइपलाइन लीकेज से सड़क पर बह रहा पानी, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत

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लखीमपुर खीरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। हालांकि, लखीमपुर खीरी जिले के नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुनसरी में योजना के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन के कुछ हिस्सों में लीकेज होने के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने के साथ घरेलू कनेक्शन भी लगाए गए हैं। कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इसके बावजूद पाइपलाइन से पानी के रिसाव की समस्या सामने आने से योजना के काम की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

पाइपलाइन के जॉइंट में खामी का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई जगहों पर पाइप के जॉइंट सही तरीके से नहीं लगाए गए। इसी वजह से पानी का दबाव बढ़ने या आपूर्ति शुरू होने के बाद कुछ स्थानों पर पानी बाहर निकलने लगता है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ घरों के कनेक्शन के आसपास भी पानी बहने की समस्या देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन से लगातार पानी निकलने के कारण गांव की सड़कों पर पानी जमा हो रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, कुछ स्थानों पर घरों के आसपास भी पानी इकट्ठा होने की स्थिति बन रही है। इससे लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क पर बह रहा पानी, ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों के मुताबिक, जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को घर तक नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है तो इससे योजना के उद्देश्य पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि, पानी की बर्बादी के साथ-साथ सड़क पर लगातार पानी बहने से रास्ते की स्थिति भी प्रभावित होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों से कई बार समस्या की जांच कराकर पाइपलाइन को दुरुस्त कराने की मांग किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि किसी स्थान पर पाइप या जॉइंट में तकनीकी कमी है तो उसे ठीक कराया जाना चाहिए, ताकि जलापूर्ति भी सुचारु रहे और पानी की बर्बादी भी रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए सुनसरी गांव के ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के माध्यम से ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कराने और जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों की मांग है कि पाइपलाइन के लीकेज वाले स्थानों को चिन्हित किया जाए। इसके बाद तकनीकी टीम द्वारा पाइप और जॉइंट की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए। साथ ही, यदि कार्य में किसी स्तर पर तकनीकी कमी सामने आती है तो उसके कारणों की भी जांच की जाए।

मौके पर जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ तभी पूरी तरह मिल सकता है, जब पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन सही तरीके से काम करें। इसलिए केवल कागजी स्तर पर शिकायत का निस्तारण करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखना जरूरी है।

इसके अलावा, ग्रामीणों ने मांग की है कि जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारी गांव में पहुंचकर उन स्थानों का निरीक्षण करें, जहां से पानी सड़क पर बह रहा है। पाइपलाइन के जॉइंट, घरेलू कनेक्शन और अन्य संबंधित हिस्सों की तकनीकी जांच के बाद आवश्यक सुधार कराया जाए।

योजना के उद्देश्य से जुड़ा है गुणवत्ता का सवाल

जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनके घर तक नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराना है। ऐसे में पाइपलाइन की गुणवत्ता, कनेक्शन की मजबूती और नियमित रखरखाव योजना की सफलता के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। यदि किसी क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्या सामने आती है तो उसका समयबद्ध समाधान जरूरी हो जाता है।

सुनसरी गांव के मामले में भी ग्रामीणों ने इसी आधार पर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि योजना पर खर्च होने वाले संसाधनों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए और ग्रामीणों को बिना परेशानी के पानी मिलना चाहिए।

फिलहाल, ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण करते हैं या नहीं और पाइपलाइन लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद खराब पाइपलाइन या जॉइंट को जल्द ठीक कराया जाएगा, जिससे सड़कों पर पानी बहने की समस्या समाप्त होगी और जल जीवन मिशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही जलापूर्ति व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।

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