कानपुर के घाटमपुर में बुढ़वा मंगल पर मां कुष्मांडा देवी मंदिर में हुआ विशाल भंडारा, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

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रिपोर्ट – शुभम साहू

कानपुर/घाटमपुर: बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर घाटमपुर कस्बे के प्रसिद्ध मां कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में श्रद्धा और सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला। मंदिर की पार्किंग परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान भक्तों ने मां कुष्मांडा देवी और बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

भंडारे के आयोजन के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। इसके चलते पूरे परिसर में धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।

पांच वर्षों से लगातार हो रहा भंडारे का आयोजन

मां कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में बुढ़वा मंगल के अवसर पर आयोजित होने वाला यह भंडारा इस वर्ष भी श्रद्धा और सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ। जानकारी के अनुसार, घाटमपुर में छोला-भटूरा दुकान का संचालन करने वाले आनंद की ओर से पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार बुढ़वा मंगल पर विशाल भंडारे का आयोजन कराया जा रहा है।

आयोजक का कहना है कि भंडारे के पीछे मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सेवा करना और धार्मिक अवसर पर लोगों को प्रसाद उपलब्ध कराना है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मंदिर परिसर में भंडारे की व्यवस्था की गई।

सुबह करीब 10 बजे भंडारे का शुभारंभ किया गया। इससे पहले मां कुष्मांडा देवी और बाबा को भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण शुरू किया गया। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

सब्जी-पूड़ी, हलवा और कोल्डड्रिंक का प्रसाद

भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए सब्जी-पूड़ी और हलवा समेत अन्य प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही लोगों को कोल्डड्रिंक भी प्रसाद के रूप में वितरित की गई। श्रद्धालुओं ने कतार में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजकों और सहयोगियों की ओर से पूरे आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली गई। वहीं, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के साथ मां कुष्मांडा देवी के दर्शन किए और बाबा का आशीर्वाद लिया।

धार्मिक आयोजनों में भंडारे का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने के साथ ही सेवा और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलता है। इसी भावना के साथ घाटमपुर में भी बुढ़वा मंगल के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया।

मां कुष्मांडा देवी और बाबा को लगाया गया भोग

आयोजक आनंद ने बताया कि भंडारे की शुरुआत करने से पहले मां कुष्मांडा देवी और बाबा को भोग अर्पित किया गया। धार्मिक विधि के अनुसार भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण शुरू किया गया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन मां कुष्मांडा देवी और बाबा की कृपा से पिछले पांच वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उनका प्रयास रहता है कि बुढ़वा मंगल जैसे पावन अवसर पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की जा सके।

आयोजक के मुताबिक, इस आयोजन को आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक मां कुष्मांडा देवी और बाबा का आशीर्वाद बना रहेगा, तब तक श्रद्धालुओं की सेवा के लिए इसी तरह भंडारे का आयोजन करने की कोशिश जारी रहेगी।

सुबह से मंदिर परिसर में जुटने लगे श्रद्धालु

बुढ़वा मंगल के अवसर पर मां कुष्मांडा देवी मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भंडारा मंदिर परिसर की पार्किंग में आयोजित होने के कारण दर्शन के लिए आने वाले भक्तों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। परिवार के साथ मंदिर पहुंचे लोगों ने पहले मां कुष्मांडा देवी और बाबा के दर्शन किए और इसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं।

पूरे दिन बना रहा भक्तिमय माहौल

बुढ़वा मंगल के अवसर पर आयोजित भंडारे से मां कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण करने के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।

भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी शामिल हुए। सेवा कार्य से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों में भी उत्साह दिखाई दिया।

धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे आयोजन स्थानीय स्तर पर लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। बुढ़वा मंगल पर आयोजित इस भंडारे में भी श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सहभागिता का भाव दिखाई दिया।

आगे भी जारी रखने का संकल्प

आयोजक आनंद ने बताया कि भंडारे को सुबह 10 बजे शुरू किया गया और इसे बाबा की कृपा रहने तक संचालित करने का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सेवा करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को भविष्य में भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। मां कुष्मांडा देवी और बाबा की कृपा से श्रद्धालुओं की सेवा का यह सिलसिला आगे भी जारी रहे, यही आयोजकों की कामना है।

इस प्रकार बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर घाटमपुर के मां कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और प्रसाद ग्रहण करने का अवसर बना। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही और धार्मिक माहौल बना रहा।

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