कुशीनगर में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियाँ’ का भव्य मंचन, रंगमंच पर दिखेगी PM मोदी की 25 साल की सेवा यात्रा

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रिपोर्ट- शैलेन्द्र गुप्ता 

कुशीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को रंगमंच के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। कुशीनगर में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियाँ’ नामक नाट्य मंचन के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को अभिनय, संवाद और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इस संबंध में भाजपा के जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने प्रेस वार्ता कर प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को मंच पर जीवंत रूप देने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े सेवा, समर्पण, सुशासन तथा जनकल्याण से संबंधित प्रसंगों को नाट्य रूपांतरण के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर

प्रस्तावित नाट्य मंचन में नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। अभिनय के साथ संवाद और संगीत का इस्तेमाल करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पड़ावों को दर्शाने की योजना है।

आयोजकों के अनुसार, नाटक का उद्देश्य दर्शकों को एक ऐसी मंचीय प्रस्तुति उपलब्ध कराना है, जिसमें प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनसे जुड़े सेवा कार्यों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। इसके लिए अलग-अलग प्रसंगों को नाटकीय स्वरूप में तैयार किया जाएगा।

कुशीनगर में 210 नाट्य मंचनों का लक्ष्य

कार्यक्रम के तहत कुशीनगर जिले में 210 नाट्य मंचनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए केवल बड़े सभागारों तक कार्यक्रम को सीमित रखने के बजाय जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम लोगों तक पहुंच बनाने की योजना है।

जानकारी के मुताबिक, नाट्य मंचन के लिए स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। इस तरह अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक प्रस्तुति पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों के आयोजन के लिए संबंधित संस्थानों और सामाजिक स्तर पर जुड़े लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर मंचन होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जनसंवाद की तैयारी

यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जनसंवाद स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा बताया गया है। अभियान के माध्यम से लोगों से संवाद स्थापित करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को रचनात्मक माध्यम से सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।

दरअसल, नाटक और रंगमंच को जनसंवाद का प्रभावी माध्यम माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में अभिनय, संवाद और संगीत का संयोजन किया जाएगा। आयोजकों की योजना है कि प्रस्तुति ऐसी हो, जिसे अलग-अलग आयु वर्ग के लोग आसानी से समझ सकें और कार्यक्रम से जुड़ सकें।

सेवा और जनकल्याण के प्रसंगों पर रहेगा जोर

‘नमो सेवा—अनकही कहानियाँ’ के मंचन में सेवा, समर्पण, सुशासन और जनकल्याण जैसे विषयों को प्रमुखता देने की बात कही गई है। कार्यक्रम में इन विषयों से जुड़े प्रसंगों को नाट्य शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग चरणों को क्रमबद्ध तरीके से मंच पर दिखाने की तैयारी है। इससे दर्शकों को उनके सार्वजनिक जीवन की यात्रा को एक कथा के रूप में देखने का अवसर मिलेगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने प्रेस वार्ता के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े लोगों से आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। वहीं, जिले में प्रस्तावित 210 मंचनों को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियों को गति देने की बात भी सामने आई है।

सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचाने की योजना

कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि नाट्य मंचन को विभिन्न सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। स्कूल और कॉलेज के अलावा पंचायत स्तर पर भी आयोजन किए जाने की योजना है। सामुदायिक केंद्रों और अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

इससे कार्यक्रम को केवल किसी एक स्थान तक सीमित रखने के बजाय जिले के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने का प्रयास होगा। साथ ही, स्थानीय लोगों की भागीदारी के माध्यम से जनसंवाद को बढ़ावा देने की योजना है।

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