मेरठ में शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन, नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से किया संवाद; 4,800 पदाधिकारी हुए शामिल

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रिपोर्ट- मनीष पाराशर

मेरठ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अपने दो दिवसीय पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के पहले दिन मेरठ पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह उनका पहला प्रमुख संगठनात्मक दौरा है। उनके मेरठ आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। काशी टोल प्लाजा पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान बुलडोजरों के जरिए पुष्पवर्षा भी की गई।

नितिन नवीन के मेरठ दौरे में युवा संवाद, शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठकें प्रमुख रहीं। कार्यक्रमों के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन की तैयारियों और कार्यकर्ताओं के फीडबैक पर चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार सम्मेलन में पश्चिमी क्षेत्र के 19 संगठनात्मक जिलों और 71 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजक और मंडल अध्यक्ष शामिल हुए।

शहीद स्मारक पहुंचकर अर्पित किए श्रद्धासुमन

मेरठ पहुंचने के बाद नितिन नवीन ने शहीद स्मारक एवं उपवन में पहुंचकर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने पौधारोपण भी किया। मेरठ के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस कार्यक्रम को उनके दौरे की शुरुआत से जोड़ा गया। इसके बाद वह स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां मांगल्य ऑडिटोरियम में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

युवा संवाद में युवाओं की भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को लेकर चर्चा करना था। भाजपा की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवा वर्ग तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

4,800 से अधिक पदाधिकारियों का शक्ति केंद्र सम्मेलन

युवा संवाद के बाद सुभारती विश्वविद्यालय परिसर में पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें करीब 4,800 पदाधिकारियों की भागीदारी रही। सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

शक्ति केंद्र भाजपा के जमीनी संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में सम्मेलन के दौरान बूथ स्तर की सक्रियता, संगठनात्मक समन्वय, कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। पार्टी के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 71 विधानसभा क्षेत्र आते हैं और आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन की तैयारियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उनके संबोधन में संगठन, कार्यकर्ताओं की भूमिका और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से भी बैठक

शक्ति केंद्र सम्मेलन के बाद नितिन नवीन का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया। शाम को ब्रावुरा रिसॉर्ट में सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित रही।

इसके अलावा पार्टी के पुराने पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ अलग से चर्चा का कार्यक्रम भी रखा गया। इस दौरान संगठन की जमीनी स्थिति, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के फीडबैक और आगामी गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श किया जाना है।

इस बैठक का एक प्रमुख पहलू पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों से जुड़ी संगठनात्मक तैयारियां हैं। हालांकि, बैठक में किन सीटों या क्षेत्रों को लेकर क्या निर्णय हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अलग से सामने आने पर ही स्पष्ट होगी।

22 सितंबर को सहारनपुर जाएंगे नितिन नवीन

नितिन नवीन का पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरा 22 सितंबर को भी जारी रहेगा। अगले दिन मेरठ में प्रबुद्धजनों और समाज के विशिष्ट लोगों के साथ संवाद का कार्यक्रम है। इसके बाद वह ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे।

इसके बाद नितिन नवीन सहारनपुर के लिए रवाना होंगे। वहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। सहारनपुर में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के साथ स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंत में मां शाकुंभरी देवी के दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

पश्चिमी यूपी में संगठन पर भाजपा का फोकस

नितिन नवीन का मेरठ और सहारनपुर दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भाजपा उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर रही है। पार्टी की बैठकों में बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है।

वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद और स्थानीय स्तर से फीडबैक लेने को भी प्रमुखता दी जा रही है। मेरठ में युवा संवाद और शक्ति केंद्र सम्मेलन के बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें इसी संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

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