कानपुर देहात के शेरपुर में जलभराव से ग्रामीण परेशान, तालाब बंद होने से निकासी बाधित होने का आरोप

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रिपोर्ट- विशाल मिश्र  

कानपुर देहात। रानिया थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव के वार्ड नंबर 8 में जलभराव और गंदगी की समस्या ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियों और संपर्क मार्गों पर लंबे समय से पानी जमा रहता है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गंदगी और जलभराव के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, वार्ड में स्थित तालाब के बंद होने के बाद आसपास के क्षेत्र से निकलने वाले पानी की निकासी प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासी रामखेलावन भदौरिया पर ग्रामीणों ने तालाब को बंद कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तालाब के बंद होने के बाद पानी के प्राकृतिक निकास का रास्ता प्रभावित हुआ, जिसके चलते बारिश और घरेलू पानी सड़कों तथा आसपास के हिस्सों में जमा होने लगा।

कई साल से बनी हुई है जलभराव की समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि शेरपुर के वार्ड नंबर 8 में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। पानी सड़कों पर जमा रहने के कारण ग्रामीणों को पैदल चलने के साथ-साथ दोपहिया और अन्य वाहनों से निकलने में भी परेशानी होती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों को समस्या की जानकारी देने के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते समस्या लगातार बनी हुई है।

गंदगी और पानी के कारण बढ़ी परेशानी

जलभराव के साथ ही वार्ड में गंदगी का भी अंबार लगा होने की बात ग्रामीणों ने कही है। लोगों का कहना है कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदा पानी जमा रहता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नालियों की नियमित सफाई तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था होने पर काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। इसके बावजूद लंबे समय से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सभासद को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों ने वार्ड के मौजूदा सभासद विशाल सेंगर को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित स्तर पर पहल नहीं हो रही है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

हालांकि, सभासद या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर उनका पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना आवश्यक है।

सड़क और आवागमन की स्थिति पर उठे सवाल

शेरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ बेहतर सड़क और सुगम आवागमन की जरूरत पर लगातार जोर दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर उनके गांव में जलभराव के कारण सड़कें ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। पानी जमा रहने से सड़क की स्थिति प्रभावित होने के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण करें और जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराएं। साथ ही बंद तालाब और पानी के प्राकृतिक निकास से जुड़े मामले की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जलभराव की वास्तविक वजह क्या है और उसका समाधान किस प्रकार किया जा सकता है।

ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए कई बार अपनी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन इस पर संज्ञान लेगा।

वहीं, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करते हैं या नहीं और जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि तालाब बंद होने और जलभराव के बीच कोई संबंध पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

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