बदायूं में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, शादी का झांसा देकर कई बार शोषण का आरोप
विपिन य़ादव
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार आरोपी ने किशोरी को शादी का झांसा देकर उसके साथ आपत्तिजनक संबंध बनाए और बाद में उसे धमकाकर कथित तौर पर कई बार उसका शोषण किया।
परिजनों का आरोप है कि घटना उस समय हुई, जब किशोरी घर पर अकेली थी। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक घर पहुंचा और किशोरी को शादी करने का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि धमकी के कारण किशोरी काफी समय तक घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं दे सकी।
गर्भवती होने के बाद सामने आया मामला
परिजनों के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ जब उन्हें किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार के लोगों ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद कथित घटना की जानकारी सामने आई। परिवार ने इसके बाद पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने किशोरी की कम उम्र का फायदा उठाते हुए पहले शादी का भरोसा दिलाया और बाद में उसे धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया। परिवार के अनुसार, आरोपी की धमकियों के चलते किशोरी लंबे समय तक इस संबंध में किसी को कुछ नहीं बता सकी।
पड़ोसी युवक पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने प्रार्थना पत्र में पड़ोस में रहने वाले युवक को आरोपी बताया है। उनका कहना है कि आरोपी किशोरी को पहले से जानता था और इसी परिचय का फायदा उठाकर उसके साथ कथित घटना को अंजाम दिया गया। परिवार ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस कार्रवाई का इंतजार
मामला सामने आने के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है। परिवार आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, पुलिस द्वारा प्रार्थना पत्र और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ रही है।
नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून पीड़ित की पहचान की सुरक्षा को विशेष महत्व देता है। इसलिए किशोरी की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। मामले में पुलिस जांच के दौरान किशोरी के बयान, मेडिकल जांच और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र का यह मामला आरोपों और पुलिस कार्रवाई के चरण में है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए और किशोरी को न्याय दिलाया जाए। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।
नोट: नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी पहचान, नाम, पता, फोटो या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए, जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

