कानपुर देहात में सिकंदरा की गौशालाओं में व्यवस्थाओं की जांच, ईयर टैगिंग से चारा-पानी तक अधिकारियों ने लिया जायजा
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर तहसील सिकंदरा क्षेत्र में संचालित विभिन्न गौ आश्रय स्थलों और गौशालाओं का जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और जरूरत के अनुसार उनमें सुधार सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों ने इस दौरान गौशालाओं में मौजूद गौवंशों की संख्या, ईयर टैगिंग, चारा-पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और आश्रय व्यवस्था समेत विभिन्न बिंदुओं की गहनता से समीक्षा की।
गौवंशों की संख्या और ईयर टैगिंग का हुआ सत्यापन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया। इसके साथ ही गौवंशों की पहचान और रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर ईयर टैगिंग की स्थिति भी देखी गई। प्रत्येक गौवंश की ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से गौवंशों के रखरखाव और उनके रिकॉर्ड के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। इसके अलावा जिन व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, उनके संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
चूनी-चोकर, भूसा और पशु आहार की उपलब्धता पर जोर
निरीक्षण के दौरान गौवंशों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे पशु आहार की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने गौशालाओं में चूनी-चोकर, भूसा और अन्य आवश्यक पशु आहार की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही यह भी देखा गया कि संरक्षित गौवंशों की संख्या के अनुपात में उनके लिए पर्याप्त मात्रा में आहार उपलब्ध है या नहीं।
इसके अलावा हरे चारे की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित जिम्मेदारों से नियमित रूप से पर्याप्त पशु आहार उपलब्ध कराने तथा गौवंशों के पोषण का विशेष ध्यान रखने को कहा।
स्वच्छ पेयजल और आश्रय व्यवस्था की समीक्षा
गौशालाओं में गौवंशों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी निरीक्षण का प्रमुख बिंदु रही। अधिकारियों ने पानी की व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि गौवंशों को नियमित रूप से पर्याप्त और स्वच्छ पानी उपलब्ध हो।
इसी क्रम में टीनशेड और अन्य आश्रय व्यवस्थाओं की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने देखा कि गौवंशों को मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए पर्याप्त स्थान और उचित आश्रय उपलब्ध है या नहीं। साथ ही गौशालाओं में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
स्वास्थ्य और उपचार सुविधाओं की भी हुई जांच
निरीक्षण टीम ने गौवंशों के स्वास्थ्य से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों ने पशु चिकित्सकीय सेवाओं, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ ही यह भी देखा गया कि बीमार या उपचार की आवश्यकता वाले गौवंशों के लिए समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागीय कर्मचारियों को गौवंशों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था का भी लिया जायजा
गौशालाओं में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए साफ-सफाई और जल निकासी की स्थिति का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने गौ आश्रय स्थलों के परिसर में साफ-सफाई, पशुओं के रहने वाले स्थान और आसपास की व्यवस्था का परीक्षण किया।
इसके अलावा बारिश अथवा अन्य परिस्थितियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने गौशालाओं में नियमित सफाई और बेहतर प्रबंधन बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण आख्या के आधार पर होगी आवश्यक कार्रवाई
स्थलीय निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा विस्तृत निरीक्षण टिप्पणियां और आख्या तैयार कर प्रेषित की जाएगी। इसके बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर गौशालाओं में सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों के लिए आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का उद्देश्य गौ आश्रय स्थलों में रहने वाले गौवंशों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए चारा, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, आश्रय, साफ-सफाई और ईयर टैगिंग जैसी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखना आवश्यक है। इसी दिशा में तहसील सिकंदरा क्षेत्र की गौशालाओं का निरीक्षण किया गया।

