कानपुर में गाड़ियों पर फर्जी प्रेस-पुलिस स्टीकर लगाने वालों पर सख्ती, चेकिंग अभियान में हुई कार्रवाई
हनुमन्त सिंह
कानपुर। शहर में वाहनों पर प्रेस और पुलिस के नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के निर्देश पर शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और मार्गों पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने खास तौर पर उन वाहनों की जांच की, जिन पर प्रेस, पुलिस या संबंधित विभाग से जुड़े स्टीकर और पहचान चिह्न लगे हुए थे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जो बिना अधिकृत पहचान के अपने वाहनों पर प्रेस या पुलिस लिखवाकर पद और पहचान का अनुचित लाभ लेने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से उनके संबंधित पहचान पत्र मांगे और दस्तावेजों का सत्यापन किया। इस दौरान वास्तविक पत्रकारों और पुलिसकर्मियों की पहचान उनके अधिकृत आई-कार्ड के आधार पर जांचने की प्रक्रिया अपनाई गई।
पुलिस के मुताबिक, किसी व्यक्ति के वाहन पर केवल प्रेस या पुलिस का स्टीकर लगा होना उसकी आधिकारिक पहचान का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसलिए चेकिंग के दौरान वाहन के साथ-साथ चालक की पहचान और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई। इसके अलावा, जिन वाहनों पर बिना उचित आधार के प्रेस या पुलिस से संबंधित स्टीकर पाए गए, उन्हें हटवाने की कार्रवाई की गई।
फर्जी पहचान के इस्तेमाल पर पुलिस की नजर
कानपुर पुलिस की इस विशेष चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वाहन पर किसी पद, संस्था या विभाग का नाम लिखवाने से संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति वास्तव में पत्रकार है, तो उसके पास संबंधित मीडिया संस्थान का वैध प्रेस कार्ड या अधिकृत पहचान पत्र होना चाहिए। इसी प्रकार पुलिस विभाग से संबंधित पहचान का दावा करने वाले व्यक्ति से विभागीय आई-कार्ड की जांच की जा सकती है।
वहीं, बिना अधिकृत पहचान के वाहनों पर प्रेस या पुलिस लिखवाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। ऐसे वाहनों से संबंधित स्टीकर हटवाए गए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान की कार्रवाई भी की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की जांच से उन लोगों पर नजर रखने में मदद मिलेगी, जो वाहन पर विशेष पहचान प्रदर्शित करके सामान्य वाहन चेकिंग या अन्य प्रक्रियाओं से बचने का प्रयास कर सकते हैं।
प्रमुख चौराहों पर हुई वाहनों की जांच
विशेष अभियान के तहत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों ने वाहनों को रोककर जांच की। चेकिंग के दौरान वाहन के कागजात, चालक का पहचान पत्र और वाहनों पर लगे विभिन्न प्रकार के स्टीकर देखे गए। प्रेस या पुलिस से जुड़े स्टीकर वाले वाहनों पर पुलिस ने विशेष ध्यान दिया।
इसके साथ ही, पुलिस ने वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी सरकारी विभाग, मीडिया संस्थान या अन्य अधिकृत संगठन की पहचान का इस्तेमाल केवल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए। नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
पहचान के नाम पर गलत फायदा लेने वालों पर शिकंजा
शहर में समय-समय पर पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। इस अभियान में सामान्य यातायात नियमों के साथ-साथ वाहनों पर लगाए गए पहचान संबंधी स्टीकर भी जांच के दायरे में रखे गए। खासतौर पर प्रेस और पुलिस जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन पहचान चिह्नों का इस्तेमाल अधिकृत व्यक्ति ही कर रहे हैं।
दरअसल, किसी संस्था या विभाग का नाम वाहन पर प्रदर्शित करने से आम लोगों के बीच वाहन चालक की अलग पहचान बन सकती है। ऐसे में पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल न हो। इसी क्रम में फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस लिखे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।
वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह
कानपुर पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों पर ऐसे किसी भी स्टीकर या पहचान चिह्न का इस्तेमाल न करें, जिसके लिए वे अधिकृत नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति पत्रकार या पुलिसकर्मी है, तो वह संबंधित विभाग या संस्थान द्वारा जारी वैध पहचान पत्र अपने पास रखे और आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन के लिए प्रस्तुत करे।
इस प्रकार, कानपुर पुलिस का यह अभियान वाहन चेकिंग के साथ-साथ पहचान के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चल रही ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। इसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना और वाहनों पर पद या संस्था की पहचान का अनुचित इस्तेमाल करने वालों पर अंकुश लगाना है।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी दिया गया है कि वाहन पर किसी विभाग या संस्था का नाम लिखवाकर नियमों से अलग सुविधा लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। अंततः, वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे यातायात नियमों के साथ-साथ वाहन पर प्रदर्शित किए जाने वाले पहचान चिह्नों से जुड़े नियमों का भी पालन करें।

