ब्रज के राजा दाऊजी महाराज का प्रकटोत्सव, पंचामृत अभिषेक और छप्पन भोग में उमड़े श्रद्धालु

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: ब्रजभूमि में भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज और ब्रज के राजा माने जाने वाले ठाकुर दाऊजी महाराज का प्रकटोत्सव गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मथुरा सहित ब्रज क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना, पंचामृत अभिषेक, श्रृंगार, छप्पन भोग और भजन-कीर्तन के आयोजन हुए। वहीं, प्रमुख दाऊजी मंदिरों में ठाकुर जी के विशेष दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। बलदेव स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर में भी जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष अभिषेक, श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

पंचामृत से हुआ ठाकुर दाऊजी महाराज का अभिषेक

ब्रज के इस प्रमुख धार्मिक पर्व पर मंदिरों में सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना शुरू हो गई। बलदेव स्थित दाऊजी महाराज मंदिर में विशेष पंचामृत स्नान और अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार किया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर हीरा-जवाहरात से किया गया विशेष श्रृंगार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।

इसी क्रम में मथुरा के होली गेट स्थित प्राचीन दाऊजी महाराज मंदिर में भी जन्मोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। सेवायत राजू पंडित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दूध, दही, घी, शर्करा और शहद से ठाकुर जी का पंचामृत महाभिषेक कराया। इसके बाद इत्र सेवा अर्पित की गई और मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

महाभिषेक के बाद मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया। फूल बंगला सजने के बाद ठाकुर जी का दरबार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। शाम को मंदिर में 56 प्रकार के व्यंजनों से तैयार छप्पन भोग अर्पित किया गया।

फूल बंगला और छप्पन भोग ने मोहा मन

दाऊजी महाराज के प्रकटोत्सव पर मंदिरों की सजावट भी विशेष रूप से की गई। रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावटी सामग्री से मंदिर परिसर को सजाया गया। फूल बंगला की सुंदर सजावट के बीच ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए भक्तों का पहुंचना लगातार जारी रहा।

घीया मंडी स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर में भी जन्मोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यहां ठाकुर जी के लिए विशेष फूल बंगला सजाया गया। इसके साथ ही छप्पन भोग प्रसादी का आयोजन हुआ। भक्तों ने श्रद्धाभाव से ठाकुर जी के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और गीत-संगीत की प्रस्तुतियां भी हुईं। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते और ठाकुर दाऊजी महाराज के जयकारे लगाते नजर आए।

बलदेव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन मथुरा के बलदेव में हुआ। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। विशेष पंचामृत अभिषेक और श्रृंगार के बाद मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ बनी रही। रिपोर्टों के मुताबिक, जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष दर्शन, समाज गायन, भजन, नफीरी वादन और नंदोत्सव जैसे आयोजन भी हुए।

मंदिर में 108 वेदपाठी विद्वानों द्वारा श्री बलभद्र पाठ और हवन-यज्ञ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।

इसके अलावा नंदोत्सव के दौरान दधिकाधौं की परंपरा भी निभाई गई। इसमें दही, माखन, हल्दी और अन्य प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किए गए। नारियल प्रसाद पाने के लिए भी भक्तों में उत्साह देखने को मिला।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल

दाऊजी महाराज के प्रकटोत्सव पर मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा। कहीं वैदिक मंत्रों के साथ अभिषेक हुआ तो कहीं भजन-कीर्तन और समाज गायन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

घीया मंडी के प्राचीन मंदिर में आयोजित भजन कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। वहीं, बलदेव के मुख्य मंदिर में भी नफीरी वादन और भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

इस अवसर पर मंदिरों में विशेष आरती और प्रसाद वितरण भी किया गया। देर शाम तक दर्शन के लिए भक्तों का आवागमन जारी रहा।

शोभायात्रा में भी दिखा उत्साह

जन्मोत्सव के अवसर पर बलदेव में शोभायात्रा भी निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां शामिल रहीं और जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। महिलाओं ने कलश लेकर भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में भाग लिया।

शोभायात्रा के दौरान भगवान बलराम की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था भी की गई थी।

ब्रज में विशेष महत्व रखता है दाऊजी महाराज का उत्सव

ब्रज क्षेत्र में भगवान बलभद्र को दाऊजी महाराज के नाम से विशेष श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। बलदेव में मनाया जाने वाला यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। जन्मोत्सव के दौरान आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी जन्मोत्सव को लेकर कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। मंदिर परिसर की सजावट, धार्मिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यवस्थाएं की गई थीं। बलदेव छठ महोत्सव के तहत कई दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

देर रात तक जारी रहे दर्शन

गुरुवार को दाऊजी महाराज के प्रकटोत्सव के अवसर पर ब्रज के मंदिरों में श्रद्धा का वातावरण बना रहा। पंचामृत अभिषेक से लेकर विशेष श्रृंगार, फूल बंगला और छप्पन भोग तक विभिन्न धार्मिक परंपराओं में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

वहीं, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के कारण मंदिर परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने ठाकुर दाऊजी महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और प्रसाद ग्रहण किया।

इस प्रकार ब्रज के राजा ठाकुर दाऊजी महाराज का प्रकटोत्सव धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मथुरा से लेकर बलदेव तक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भक्तिमय कार्यक्रमों ने पूरे ब्रज को दाऊजी महाराज की भक्ति के रंग में रंग दिया।

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