मथुरा में UPI शुल्क के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, PM मोदी को भेजा 2,000 रुपये से अधिक का प्रतीकात्मक गिफ्ट

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मथुरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 2,000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट लेन-देन पर लागू होने वाली नई Merchant Discount Rate (MDR) व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतीकात्मक रूप से जन्मदिन का गिफ्ट भेजा। कांग्रेस ने इस प्रतीकात्मक गिफ्ट के जरिए UPI शुल्क व्यवस्था का विरोध दर्ज कराते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के लिए भेजे गए गिफ्ट में शुद्ध देसी घी, हवन सामग्री, कपूर, धूप-बत्ती और अगरबत्ती समेत पूजा सामग्री रखी। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, गिफ्ट की कीमत 2,000 रुपये से अधिक रखी गई, ताकि UPI से जुड़े नए शुल्क के विरोध को प्रतीकात्मक तरीके से सामने रखा जा सके।

UPI शुल्क को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर शुल्क व्यवस्था युवाओं, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को देशभर में बढ़ावा मिला है और ऐसे में शुल्क से जुड़ी नई व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है।

मुकेश धनगर ने कहा कि कांग्रेस इस व्यवस्था का विरोध करती है और सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को आसान और सुलभ बनाए रखने के लिए आम लोगों और छोटे व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

हालांकि, सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार नई व्यवस्था में सभी UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P लेन-देन किसी भी राशि पर मुफ्त रहेगा। वहीं, ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और कुछ छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित शून्य-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले लेन-देन भी प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने कहा है कि लगभग 96 प्रतिशत P2M लेन-देन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।

15 अक्टूबर से प्रस्तावित MDR व्यवस्था

सरकारी जानकारी के मुताबिक, निर्धारित श्रेणी के मर्चेंट UPI लेन-देन में 2,000 से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की बात कही गई है। महत्वपूर्ण रूप से, सरकार का कहना है कि MDR सीधे ग्राहक से वसूलने वाला सरकारी टैक्स नहीं है, बल्कि यह डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और अन्य प्रतिभागियों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि शुल्क का प्रत्यक्ष भार ग्राहक पर नहीं होने के बावजूद व्यापारी स्तर पर लागत बढ़ने से इसका असर आगे चलकर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी और UPI के छोटे मूल्य वाले लेन-देन को संरक्षित रखा गया है।

प्रतीकात्मक गिफ्ट के जरिए दर्ज कराया विरोध

मथुरा में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि 2,000 रुपये से अधिक कीमत का पूजा सामग्री वाला गिफ्ट प्रधानमंत्री को भेजना विरोध का प्रतीकात्मक तरीका है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान UPI शुल्क से जुड़े मुद्दे की ओर आकर्षित करना और व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग करना है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि UPI ने छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, युवाओं और आम उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल भुगतान को सुविधाजनक बनाया है। इसलिए, उनके अनुसार, डिजिटल भुगतान व्यवस्था में किसी भी प्रकार के नए शुल्क को लागू करने से पहले इसके आर्थिक प्रभाव पर व्यापक विचार किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने की शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से UPI लेन-देन पर लागू की जा रही नई MDR व्यवस्था को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि उनका विरोध डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट लेन-देन पर लागू होने वाली नई शुल्क व्यवस्था के खिलाफ है।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, जिला महामंत्री मनोज गौड़, बलवीर प्रधान, हरवीर सिंह, दुर्गेश बघेल, ललिता देवी, रूपा लवानिया, गीता दिवाकर, रमेश कश्यप, रवि वाल्मीकि, दीपक सिंह, हाशिम हुमेंर, बलवीर सिंह, शैलेंद्र चौधरी, महेश चौबे, धीरू चौधरी, पूरन सिंह, मंजू देवी, राजेश कुमार, दिलशाद खान, रूपवती, गुड्डी देवी, रीता देवी, अमरावती, नम्रता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस प्रकार, मथुरा में कांग्रेस ने प्रतीकात्मक गिफ्ट के माध्यम से UPI शुल्क व्यवस्था पर अपना विरोध दर्ज कराया और केंद्र सरकार से आम जनता तथा व्यापारियों के हित में इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।