कांशीराम कॉलोनी के परिवारों पर आवास खाली करने का संकट, कांग्रेस ने प्रशासन से मांगी वैकल्पिक व्यवस्था
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा-वृंदावन। श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवासीय योजना, वृंदावन में रहने वाले दर्जनों गरीब परिवार इन दिनों अपने आवास को लेकर चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं। नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से जारी किए गए हालिया नोटिस के बाद कॉलोनी के निवासियों में अपने घरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सामने रखते हुए प्रशासन से वैकल्पिक आवास और स्पष्ट व्यवस्था की मांग की है।
मामले को लेकर रचनात्मक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने कांशीराम कॉलोनी पहुंचकर स्थानीय निवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आवास खाली कराने से पहले प्रशासन को उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी परिवार को अचानक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर निगम के नोटिस के बाद बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से कॉलोनी के जीर्ण-शीर्ण और जर्जर हिस्सों को हटाने तथा आवश्यक मरम्मत कराने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में निर्धारित समय सीमा के भीतर मकान खाली नहीं करने अथवा मरम्मत कार्य शुरू नहीं करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। साथ ही, संबंधित निवासियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
हालांकि, कॉलोनी के निवासियों की प्रमुख चिंता यह है कि यदि मरम्मत के लिए उन्हें अपने आवास खाली करने पड़ते हैं, तो उस अवधि में उनके रहने की व्यवस्था कहां होगी। इसके अलावा, कई परिवार यह भी जानना चाहते हैं कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद उन्हें उनके आवंटित मकान वापस मिलेंगे या नहीं।
यही वजह है कि नोटिस के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवार प्रशासन से स्पष्ट जानकारी और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर सुनी समस्याएं
कांशीराम कॉलोनी पहुंचे दीपक पाराशर ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कॉलोनी के मकानों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। ऐसे में यदि मकान खाली कराने की आवश्यकता है तो प्रशासन को पहले वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। उनके मुताबिक, केवल मकान खाली करने का निर्देश देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि मरम्मत कार्य चलने के दौरान परिवार कहां रहेंगे और उनके दैनिक जीवन की आवश्यकताओं की व्यवस्था किस प्रकार होगी। साथ ही उन्होंने मांग की कि आवंटियों को लिखित रूप से यह जानकारी दी जाए कि मरम्मत के बाद उनके आवंटित आवास उन्हें वापस दिए जाएंगे।
वैकल्पिक आवास और सुविधाओं की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम मथुरा-वृंदावन से मांग की कि यदि मकानों की मरम्मत के लिए उन्हें खाली कराना जरूरी है तो प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था हो।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास सीमित संसाधन होते हैं। इसलिए अचानक मकान खाली करने का निर्देश उनके लिए आर्थिक और सामाजिक कठिनाई पैदा कर सकता है। ऐसे में प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रत्येक परिवार की स्थिति को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि नगर निगम की ओर से प्रत्येक आवंटी को स्पष्ट और लिखित जानकारी दी जाए। इसमें मकान खाली करने की प्रक्रिया, मरम्मत की अवधि, वैकल्पिक आवास की व्यवस्था और मरम्मत के बाद आवंटित मकान वापस दिए जाने से संबंधित जानकारी शामिल होनी चाहिए।
कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी
दीपक पाराशर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को लेकर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन बिना वैकल्पिक आवास और स्पष्ट लिखित आश्वासन के कोई कठोर कार्रवाई करता है, तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर प्रशासन के समक्ष उनकी मांगें रखेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अंतिम स्थिति और आगे की कार्ययोजना के बारे में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
परिवारों को समाधान का इंतजार
कांशीराम कॉलोनी के निवासियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल उनके आवास और भविष्य की व्यवस्था को लेकर है। परिवार चाहते हैं कि मकानों की सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत से जुड़ा काम नियमों के अनुसार हो, लेकिन इसके साथ ही उनके रहने की व्यवस्था और आवंटित मकान वापस मिलने को लेकर भी स्पष्टता दी जाए।
वहीं, कांग्रेस ने प्रशासन से अपील की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के साथ संवाद किया जाए और उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। अब सभी की नजर नगर निगम और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
स्थानीय स्तर पर उठाए गए इस मुद्दे के बाद उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग प्रभावित परिवारों की चिंताओं पर विचार करते हुए मकानों की मरम्मत और निवासियों की सुविधा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में कदम उठाएगा।
मौके पर चंद्रमोहन जायसवाल, तरुण किशोर शास्त्री, पिंकी मण्डल, नारायण यादव, रिंकी मण्डल, शैफाली चक्रवर्ती, ममता, पूर्णिमा दासी, प्रभात किशोर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

