घाटमपुर में बारिश के बीच गिरी जर्जर मकान की छत, गृहस्थी का सामान दबा; हजारों का नुकसान
रिपोर्टर – शुभम साहू
घाटमपुर/भदरस, कानपुर नगर। कानपुर नगर के घाटमपुर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से कमरे में रखा गृहस्थी का सामान मलबे के नीचे दब गया। हादसे में परिवार को हजारों रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय छत गिरी, उस वक्त परिवार के सदस्य उसके नीचे मौजूद नहीं थे। इस कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मकान तथा नुकसान का जायजा लिया।
अचानक भरभराकर गिरी मकान की छत
जानकारी के अनुसार घाटमपुर क्षेत्र के भदरस गांव निवासी सभाजीत पुत्र स्वर्गीय ब्रह्मादीन यादव के मकान की छत 16 सितंबर की शाम करीब सात बजे अचानक गिर गई। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण मकान की हालत पहले से कमजोर थी। इसी बीच अचानक छत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा।
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जब लोगों ने मकान के अंदर जाकर स्थिति देखी तो कमरे में रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबा मिला। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया और क्षतिग्रस्त सामान को बाहर निकाला।
गृहस्थी का सामान मलबे में दबा
परिवार के मुताबिक, छत गिरने से कमरे में रखा घरेलू उपयोग का सामान और अन्य जरूरी सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। अचानक हुए इस हादसे के कारण परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन राजस्व विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर और जर्जर मकानों की स्थिति और खराब हो सकती है। इसलिए ऐसे मकानों की पहचान कर समय रहते संबंधित परिवारों को सावधान किया जाना जरूरी है।
राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग के उप निरीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मकान की स्थिति को देखा। इसके साथ ही छत गिरने से हुए नुकसान की जानकारी भी जुटाई गई।
राजस्व कर्मी ने परिवार और आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली तथा आवश्यक विवरण दर्ज किया। प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पीड़ित परिवार को किस प्रकार की सहायता मिल सकती है।
वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में ऐसे मकानों का सर्वे कराया जाए, जिनकी स्थिति बारिश के दौरान कमजोर हो सकती है। इससे समय रहते संबंधित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने अथवा आवश्यक सावधानी बरतने में मदद मिल सकती है।
बारिश के मौसम में जर्जर मकानों पर बढ़ता खतरा
बरसात के दौरान पुराने और कमजोर मकानों की छतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लगातार नमी के कारण दीवारों और छतों की मजबूती भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने मकानों को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी मकान की दीवारों या छत में दरार दिखाई दे रही हो, प्लास्टर उखड़ रहा हो या निर्माण सामग्री कमजोर नजर आ रही हो, तो परिवार को सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा प्रशासन और स्थानीय निकायों की ओर से भी कमजोर भवनों की पहचान और आवश्यक कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों ने सहायता की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के नुकसान का उचित आकलन कराने और नियमों के तहत संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुई छत गिरने की घटना से परिवार की घरेलू व्यवस्था प्रभावित हुई है।
फिलहाल राजस्व विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के आधार पर आगे की प्रक्रिया की उम्मीद है। प्रशासनिक आकलन के बाद नुकसान की स्थिति और संभावित सहायता को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
कुल मिलाकर, घाटमपुर के भदरस गांव में बारिश के बीच मकान की छत गिरने की घटना ने जर्जर भवनों को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। गनीमत रही कि घटना के वक्त कोई व्यक्ति छत के नीचे मौजूद नहीं था। इसके बावजूद गृहस्थी का सामान मलबे में दबने से परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाले नुकसान के आकलन और संभावित राहत पर है।

