श्रावस्ती में आपदा प्रबंधन का बड़ा मॉकड्रिल, भूकंप और आग से बचाव के सिखाए गए तरीके
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: आपदा जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को श्रावस्ती के जमुनहा तहसील परिसर में राज्यस्तरीय मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में हुए इस अभ्यास में भूकंप, औद्योगिक एवं रासायनिक दुर्घटना और अग्निकांड जैसी परिस्थितियों से निपटने के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी गई।
मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य केवल आपदा के समय राहत पहुंचाने की प्रक्रिया समझाना ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए पहले से प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास के माध्यम से बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
जमुनहा तहसील परिसर में हुआ मॉकड्रिल
जमुनहा तहसील परिसर में आयोजित इस राज्यस्तरीय अभ्यास में आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों ने अलग-अलग आपात परिस्थितियों को मॉकड्रिल के माध्यम से समझाया। भूकंप की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, प्रभावित लोगों को बाहर निकालने और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
इसी तरह, आग लगने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा औद्योगिक या रासायनिक दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों को लेकर भी जागरूक किया गया। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में आपदा विशेषज्ञों ने आपातकालीन स्थिति में बचाव के विभिन्न तरीकों और अग्निशामक यंत्रों के सही इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
अग्निशामक यंत्र चलाने का बताया सही तरीका
मॉकड्रिल के दौरान विशेषज्ञों ने अग्निशामक यंत्रों के इस्तेमाल की प्रक्रिया को भी समझाया। प्रतिभागियों को बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय पहले सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। इसके बाद उपलब्ध अग्निशामक उपकरण का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आग की प्रकृति के अनुसार ही उचित अग्निशामक उपकरण का चयन किया जाना चाहिए। इस तरह के प्रशिक्षण का उद्देश्य आम लोगों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में शुरुआती स्तर पर प्रभावी कदम उठाने के लिए तैयार करना है।
घायलों के रेस्क्यू का भी किया गया प्रदर्शन
मॉकड्रिल में केवल आग और भूकंप से बचाव तक सीमित जानकारी नहीं दी गई, बल्कि घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया भी समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी हादसे के बाद घायल व्यक्ति को जल्दबाजी में उठाने के बजाय उसकी स्थिति को देखकर उचित तरीके से रेस्क्यू किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही प्राथमिक उपचार और संबंधित विभागों को सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन टीम ने बताया कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और प्रशासन के बीच तत्काल समन्वय जरूरी होता है।
अधिकारियों की मौजूदगी में परखी गई तैयारियां
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी जमुनहा डॉ. आर.पी. सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में आपदा से निपटने की तैयारियों और विभागीय समन्वय को परखा गया।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग मल्हीपुर के कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा स्थानीय अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने मॉकड्रिल को देखा और आपात परिस्थितियों में सुरक्षा के उपायों की जानकारी हासिल की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक टीम ने लोगों को त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जागरूक किया।
आम लोगों को जागरूक करना भी उद्देश्य
आपदा प्रबंधन की तैयारियों में आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से मॉकड्रिल के दौरान लोगों को बताया गया कि भूकंप, आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में किस तरह सुरक्षित रहना चाहिए। खासकर भूकंप के दौरान घबराकर सीढ़ियों या दरवाजों की ओर भागने के बजाय सुरक्षित तरीके अपनाने पर जोर दिया गया।
इसी तरह आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करने, धुएं वाले स्थान से सावधानीपूर्वक बाहर निकलने और जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने की जानकारी दी गई।
मॉकड्रिल से बढ़ेगा विभागों के बीच समन्वय
इस तरह के अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विभिन्न विभागों की वास्तविक तैयारियों को परखना भी है। प्रदेश में 18 सितंबर को कई जिलों और तहसील स्तर पर व्यापक आपदा प्रबंधन अभ्यास आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसमें भूकंप, औद्योगिक-रासायनिक दुर्घटनाओं और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों को जांचने पर जोर दिया गया।
श्रावस्ती के जमुनहा में आयोजित मॉकड्रिल भी इसी व्यापक आपदा तैयारी अभियान का हिस्सा रहा। अभ्यास के दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों को समझा। इससे वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।
आपदा के समय सावधानी और प्रशिक्षण जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, आपदा को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन उसके प्रभाव को कम करने के लिए पहले से तैयारी की जा सकती है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता के साथ-साथ आम लोगों को भी जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी होना आवश्यक है।
जमुनहा में हुए इस मॉकड्रिल के माध्यम से इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आपात स्थिति में बचाव के तरीकों को समझा और व्यावहारिक प्रदर्शन के जरिए अग्निशामक उपकरणों तथा रेस्क्यू प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
कुल मिलाकर, श्रावस्ती के जमुनहा तहसील परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय मॉकड्रिल ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम किया। ऐसे अभ्यास नियमित रूप से होने से प्रशासनिक टीम और आम जनता दोनों आपात परिस्थितियों के लिए अधिक तैयार रह सकते हैं।

