कानपुर सेंट्रल पर बिछड़ा 17 वर्षीय बालक जीआरपी ने खोजकर भाई को सौंपा, ऑपरेशन मुस्कान से मिली सफलता

103

रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा 

कानपुर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अपने भाई से बिछड़े करीब 17 वर्षीय बालक को जीआरपी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल खोज निकाला। रेलवे पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, बालक के पहनावे और हुलिए की मदद से उसकी तलाश की। कुछ ही समय में बालक को सकुशल बरामद कर उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद परिजनों ने जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस महानिदेशक रेलवे के दिशा-निर्देशों के तहत रेलवे स्टेशनों पर भूले-भटके व्यक्तियों और गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर भी जीआरपी की टीम लगातार निगरानी और चेकिंग कर रही थी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर और यात्री प्रतीक्षालय समेत अन्य स्थानों पर पुलिसकर्मियों को सक्रिय रखा गया था।

इसी दौरान गुना, मध्य प्रदेश निवासी यात्री चन्की सोनी पुत्र नंदकिशोर सोनी थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका करीब 17 वर्षीय भाई लकी (काल्पनिक नाम) उनसे बिछड़ गया है। उन्होंने बताया कि काफी खोजबीन करने के बावजूद भाई का पता नहीं चल सका। इसके बाद उन्होंने जीआरपी थाने में सूचना देकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

सूचना मिलते ही जीआरपी ने शुरू की तलाश

मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने तत्काल कार्रवाई शुरू कराई। चूंकि मामला नाबालिग बालक से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने बिना समय गंवाए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया। बालक की तलाश के लिए उसके हुलिए और पहनावे से संबंधित जानकारी जुटाई गई।

इसके बाद पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। आरपीएफ कंट्रोल रूम में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली गई। स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में बालक की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों ने व्यवस्थित तरीके से तलाश शुरू की।

जीआरपी के मुताबिक, तलाश के दौरान बालक के पहनावे और बताए गए हुलिए को आधार बनाया गया। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों के बीच बालक की पहचान करने का प्रयास किया गया। साथ ही प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित टीमों को भी बालक की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

सीसीटीवी और टीमवर्क से मिली कामयाबी

बालक की तलाश में एसआई मोहित कुमार यादवसंदीप कुमार तिवारी, क्यूआरटी टीम, प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और कार्यालय स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा आरपीएफ कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का भी सहारा लिया गया।

दरअसल, बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी बिछड़े हुए व्यक्ति या बच्चे को तलाशना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इस मामले में जीआरपी ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और पुलिस टीम के आपसी समन्वय का इस्तेमाल करते हुए तलाश को आगे बढ़ाया।

लगातार प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिली और करीब 17 वर्षीय बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया। बालक के मिलने की सूचना उसके भाई चन्की सोनी को दी गई। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए बालक को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया।

भाई से मिलते ही परिवार ने जताया आभार

अपने भाई के सकुशल मिलने के बाद चन्की सोनी ने राहत की सांस ली। उन्होंने जीआरपी कानपुर सेंट्रल के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने पुलिस टीम की तत्परता और सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पुलिस की मदद मिलने से उनका भाई सुरक्षित मिल सका।

वहीं, जीआरपी पुलिस की इस कार्रवाई को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सहायता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। खासकर रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नाबालिग बच्चों के बिछड़ने की स्थिति में त्वरित पुलिस कार्रवाई काफी अहम होती है।

ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार कार्रवाई

जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य भूले-भटके और गुमशुदा बच्चों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाना है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सफर के दौरान कई बार बच्चे अपने परिवार से अलग हो जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने में मदद करती है।

कानपुर सेंट्रल जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते और विभिन्न स्थानों के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और संदिग्ध या भटके हुए व्यक्तियों की पहचान जैसे कार्य लगातार किए जाते हैं।

इसी व्यवस्था के तहत चन्की सोनी द्वारा दी गई सूचना को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। परिणामस्वरूप बालक को सुरक्षित बरामद कर उसके भाई से मिलाया जा सका।

पुलिस की तत्परता बनी मददगार

इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण रही। सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने केवल एक स्थान पर तलाश करने के बजाय स्टेशन के विभिन्न हिस्सों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बालक को खोजने का प्रयास किया। साथ ही कई पुलिसकर्मियों और टीमों को एक साथ सक्रिय किया गया।

इस तरह तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई खोजबीन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। आखिरकार पुलिस टीम को सफलता मिली और परिवार से बिछड़ा बालक सुरक्षित मिल गया।

जीआरपी की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी और पुलिस टीमों की सक्रिय मौजूदगी यात्रियों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों के बिछड़ने जैसे मामलों में शुरुआती समय में की गई कार्रवाई काफी अहम होती है।

कानपुर सेंट्रल जीआरपी की इस कार्रवाई के बाद परिजनों ने पुलिस का आभार जताया। वहीं, पुलिस की ओर से भी रेलवे यात्रियों से अपील की जाती है कि यात्रा के दौरान बच्चों के साथ रहें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें। यदि कोई बच्चा या परिवार का सदस्य बिछड़ जाता है, तो तुरंत रेलवे पुलिस या संबंधित सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते तलाश शुरू की जा सके।

You may have missed