लखीमपुर खीरी में नवविवाहिता मानसी की मौत, आठ दिन बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के अशोगापुर गांव की रहने वाली नवविवाहिता मानसी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में आठ दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का मामला चर्चा में है। मृतका के मायके वाले लगातार पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि शिकायत और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मृतका की मां राम देवी का कहना है कि वह पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर चुकी हैं। उनका आरोप है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में परिवार को अपनी बेटी को न्याय मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है।
मार्च में हुई थी मानसी की शादी
जानकारी के मुताबिक, शारदानगर थाना क्षेत्र की सिंचाई विभाग कॉलोनी निवासी अयोध्या प्रसाद के बेटे सुधीर की शादी बीते मार्च महीने में फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के अशोगापुर गांव निवासी सुरेश की बेटी मानसी से हुई थी। परिवार के अनुसार, दोनों की शादी धूमधाम से हुई थी। शादी के बाद मानसी अपने ससुराल में रह रही थी।
मानसी का पति सुधीर पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है और उसकी तैनाती गोंडा जिले में बताई जा रही है। वहीं, सुधीर के पिता सिंचाई विभाग में कर्मचारी बताए गए हैं। इसी कारण मामले में परिवार की ओर से यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या आरोपियों पर प्रभाव या रसूख का असर पड़ रहा है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से ऐसी किसी बात की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव
बताया गया है कि बुधवार सुबह मानसी का शव उसके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
नवविवाहिता की मौत के बाद उसके मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए और मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य घटना नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले की वास्तविक वजह क्या थी, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच किया जाना आवश्यक है।
आठ दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने पर उठ रहे सवाल
मृतका के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से वे लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल अपनी बेटी के मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
मृतका की मां राम देवी ने बताया कि वह पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर चुकी हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर चुकी हैं। उनका कहना है कि आठ दिन बीत जाने के बावजूद यदि नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते हैं, तो परिवार की चिंता और बढ़ जाती है।
परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, तो जांच को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है।
परिवार को न्याय की उम्मीद
बेटी की मौत के बाद मायके वाले गहरे सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि मानसी की शादी को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। ऐसे में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों की सबसे बड़ी मांग यही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। परिवार यह भी चाहता है कि जांच जल्द पूरी हो, ताकि उन्हें अपनी बेटी की मौत की वास्तविक वजह पता चल सके।
इसके अलावा, परिजनों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी प्रभाव या दबाव से अलग हटकर मामले की जांच होनी चाहिए।
पुलिस जांच से सामने आएगी सच्चाई
नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामलों में पुलिस के सामने कई पहलुओं की जांच की जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में घटनास्थल की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिवार के सदस्यों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाती है।
मानसी के मामले में भी पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। यदि परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच में होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो पुलिस तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल मृतका के परिवार की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लगातार की जा रही है। परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।
सवालों के जवाब का इंतजार
मानसी की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोप और नामजद लोगों की गिरफ्तारी की मांग के बीच अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है।
परिजन चाहते हैं कि जांच जल्द से जल्द पूरी हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, परिवार यह भी चाहता है कि उन्हें मामले की जांच में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी जाए।
फिलहाल आठ दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने को लेकर मृतका का परिवार परेशान है। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद परिजनों को कार्रवाई की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पुलिस की ओर से नामजद आरोपियों के संबंध में क्या कार्रवाई की जाती है।

