जयपुर से इटावा आ रहे तीन रिश्तेदार जहरखुरानी गिरोह के शिकार, पढ़िए किस तरह से वारदात को दिया अंजाम
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: जयपुर से स्लीपर बस के जरिए इटावा आ रहे तीन रिश्तेदार कथित तौर पर जहरखुरानी गिरोह के शिकार हो गए। रास्ते में बस में मिले एक युवक ने बातचीत के दौरान तीनों को चाय, बिस्किट और खाने का सामान दिया। इसके बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोशी की हालत में पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान चाचा की जेब में रखे करीब 25 हजार रुपये निकाल लिए गए। घटना के बाद तीनों को इटावा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार शहर कोतवाली क्षेत्र की नई बस्ती शाहग्रान का रहने वाला है। परिवार के तीन सदस्य 15 वर्षीय मोहम्मद सोहिल पुत्र तारिक, 20 वर्षीय आमिर और 25 वर्षीय मोहम्मद एजाज पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद अशफाक जयपुर में अपने पिता के साथ रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, परिवार के मुखिया पिछले करीब 20 वर्षों से जयपुर में सिलाई का काम करते हैं। इसी सिलसिले में परिवार के सदस्य भी जयपुर में रह रहे थे।
रविवार रात बस से इटावा के लिए हुए रवाना
परिजनों के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे तीनों रिश्तेदार जनता ट्रेवलर्स की स्लीपर बस से जयपुर से इटावा के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान जयपुर से ही करीब 35 से 40 वर्ष का एक युवक उनके पास आकर बैठ गया। उसने बातचीत शुरू की और सामान्य तरीके से उनसे परिचय बढ़ाने लगा।
बताया गया कि रास्ते में बालाजी के पास बस कुछ देर के लिए रुकी। इस दौरान वह युवक बाथरूम जाने की बात कहकर बस से नीचे उतर गया। कुछ समय बाद वह चाय, बिस्किट और अन्य खाने का सामान लेकर वापस आया। इसके बाद बातचीत के दौरान उसने तीनों रिश्तेदारों को खाने-पीने का सामान दिया।
परिजनों का कहना है कि सामान खाने के कुछ समय बाद तीनों की हालत ऐसी हो गई कि उन्हें आसपास की गतिविधियों का पता नहीं रहा। इसके बाद वे बेहोशी की स्थिति में चले गए। हालांकि, खाने में क्या मिलाया गया था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कानपुर में बस से उतारे जाने का आरोप
परिवार के अनुसार, बस चालक ने तीनों यात्रियों को कानपुर के फजलगंज चौराहे पर उतार दिया। इसके बाद वे काफी देर तक वहीं रहे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे 15 वर्षीय सोहिल को होश आया। उसने देखा कि उसके चाचा मोहम्मद एजाज और बुआ का बेटा आमिर अभी भी बेसुध पड़े थे।
सोहिल ने किसी तरह चाचा के मोबाइल फोन से अपने पिता को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग सक्रिय हुए और तीनों को इटावा लेकर पहुंचे। इसके बाद सोमवार शाम करीब आठ बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चाचा की जेब से 25 हजार रुपये गायब होने का आरोप
परिजनों ने बताया कि मोहम्मद एजाज की जेब में करीब 25 हजार रुपये रखे हुए थे। यह रकम उन्होंने करीब तीन महीने की कमाई से जुटाई थी और घर लेकर आ रहे थे। परिवार का आरोप है कि यात्रा के दौरान जब तीनों बेहोशी की हालत में थे, उसी समय किसी ने एजाज की जेब से रुपये निकाल लिए।
परिजनों ने इस घटना के पीछे जहरखुरानी गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में रुपये कब और किस परिस्थिति में गायब हुए। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
यात्रा के दौरान यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना के बाद एक बार फिर लंबी दूरी की बस और ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। आमतौर पर सफर के दौरान अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर किसी अपरिचित व्यक्ति द्वारा दिया गया खाद्य या पेय पदार्थ लेने से यात्रियों को बचना चाहिए।
इसके अलावा, यदि यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब होती है या वह असामान्य स्थिति में पहुंचता है तो तत्काल बस चालक, परिचालक, नजदीकी पुलिसकर्मी या संबंधित परिवहन प्रशासन को सूचना देना जरूरी है। इससे समय रहते चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
फिलहाल तीनों पीड़ितों का इटावा जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाने के साथ ही यात्रा के दौरान हुई गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी है। बस में सवार अन्य यात्रियों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तीनों यात्रियों को किस परिस्थिति में बेहोशी हुई और 25 हजार रुपये वास्तव में कब गायब हुए। फिलहाल परिजनों ने जहरखुरानी गिरोह पर रुपये निकालने का आरोप लगाया है।
घटना ने लंबी दूरी की बस यात्रा के दौरान यात्रियों को सतर्क रहने का संदेश भी दिया है। यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने का सामान लेने से बचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।

