लखीमपुर महिला थाने में 17 पारिवारिक विवादों का समाधान, 10 जोड़ों की कराई गई विदाई

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रिपोर्ट- शरद अवस्थी 

लखीमपुर-खीरी। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पारिवारिक विवादों को संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाने की दिशा में लखीमपुर-खीरी महिला थाना पुलिस ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवादों को सुलझाने के लिए काउंसलिंग और सुलह-समझौते का प्रयास किया गया। इस दौरान कुल 17 पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की गई। इनमें से 10 पति-पत्नी के जोड़ों की आपसी सहमति के बाद विदाई कराई गई।

महिला थाना पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों में आपसी समझ, विश्वास और संवाद को मजबूत करना भी रहा। परिवार परामर्श केंद्र में पुलिस और काउंसलरों ने दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और परिस्थितियों के अनुसार समझाने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप कई परिवारों में दोबारा साथ रहने की सहमति बनी।

17 मामलों में किया गया सुलह-समझौते का प्रयास

जनपद मुख्यालय स्थित महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र में दहेज उत्पीड़न, घरेलू विवाद, घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों तथा साझा गृहस्थी में रहने को लेकर उत्पन्न समस्याओं सहित कुल 17 मामलों पर सुनवाई की गई। इन मामलों में पति-पत्नी और उनके परिवारों के बीच उत्पन्न मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया गया।

महिला थानाध्यक्ष बबिता पटेल के नेतृत्व में काउंसलर नीति गुप्ता, कुसुम गुप्ता और कय्यूम जरवानी ने संबंधित पक्षों से बातचीत की। इस दौरान प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को समझते हुए दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। साथ ही, परिवार को टूटने से बचाने और आपसी मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से दूर करने पर भी जोर दिया गया।

काउंसलिंग के दौरान सामने आए विवादों में पारिवारिक परिस्थितियों, आपसी मतभेद और गृहस्थी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। पुलिस और काउंसलरों ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे की भावनाओं और जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।

10 जोड़ों ने आपसी सहमति से साथ रहने का लिया निर्णय

परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसलिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया। सुलह-समझौते के प्रयास के बाद 10 पति-पत्नी के जोड़ों के बीच सहमति बनी और उनकी विदाई कराई गई। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर साथ रहने का निर्णय लिया।

इस दौरान संबंधित परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई और उन्हें वैवाहिक जीवन में आपसी सम्मान, सहयोग तथा संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई।

पुलिस की ओर से इस तरह के प्रयास को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई बार पारिवारिक विवाद बातचीत और समझदारी के माध्यम से समाप्त किए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार परामर्श केंद्र दोनों पक्षों को अपनी बात रखने के लिए एक उपयुक्त मंच उपलब्ध कराता है।

पांच मामलों में पक्षकारों को दिया गया सोचने का समय

परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचे सभी मामलों का एक जैसा समाधान नहीं हो सका। कुल 17 मामलों में से पांच मामलों में पति-पत्नी के बीच अत्यधिक मनमुटाव पाया गया। इन मामलों में तत्काल सुलह की स्थिति नहीं बन सकी। इसलिए संबंधित पक्षकारों को आपसी परिस्थितियों पर विचार करने और आगे का निर्णय लेने के लिए समय दिया गया।

पुलिस और काउंसलरों की ओर से इन पक्षकारों को भी जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय आपसी बातचीत और परिवार के हित को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, दोनों पक्षों को अपनी समस्याओं पर विचार करने और आगे की काउंसलिंग के माध्यम से समाधान की संभावना बनाए रखने की बात कही गई।

दो मामलों में सुलह का प्रयास नहीं हो सका सफल

वहीं, दो मामलों में सुलह-समझौते का प्रयास सार्थक नहीं हो सका। संबंधित मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

महिला थाना पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि परिवार परामर्श केंद्र में आने वाले मामलों में सबसे पहले दोनों पक्षों की बात सुनकर विवाद की वास्तविक वजह समझने का प्रयास किया जाता है। इसके बाद परिस्थितियों के अनुरूप काउंसलिंग और सुलह-समझौते की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

महिला थाना टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महिला थाना पुलिस की टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग किया। महिला थाने की उपनिरीक्षक दिनेश मणि पाण्डेय के साथ महिला आरक्षी सुमन लता, बबली पवार, सारिका सिंह चौहान और रेखा गौड़ ने भी मामलों के निस्तारण में सहयोग किया।

काउंसलिंग और सुलह-समझौते के दौरान संबंधित पक्षकारों के परिवारीजन भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई और पारिवारिक विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने का प्रयास किया गया।

महिला थाना पुलिस की यह पहल पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासतौर पर ऐसे मामलों में जहां पति-पत्नी के बीच संवाद की कमी के कारण विवाद बढ़ जाता है, वहां काउंसलिंग के माध्यम से दोनों पक्षों को अपनी बात रखने और दूसरे पक्ष की स्थिति समझने का अवसर मिलता है।

आपसी संवाद से परिवार बचाने पर जोर

पारिवारिक विवादों के समाधान में संवाद की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए महिला थाना पुलिस द्वारा काउंसलिंग के दौरान पक्षकारों को आपसी बातचीत और समझदारी से समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके साथ ही, परिवार परामर्श केंद्र में यह भी प्रयास किया जाता है कि विवाद के मूल कारण को समझा जाए और दोनों पक्षों की सहमति से ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। हालांकि, हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं और समाधान भी उसी के अनुसार तय किया जाता है।

लखीमपुर-खीरी महिला थाना पुलिस की ओर से 17 मामलों में सुलह-समझौते का प्रयास और 10 जोड़ों की विदाई इस बात को दर्शाती है कि काउंसलिंग के जरिए कई पारिवारिक विवादों को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। वहीं, जिन मामलों में तत्काल सहमति नहीं बन पाई, उनमें भी पक्षकारों को समय देकर आगे समाधान की संभावना बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

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