पट्टे को लेकर आर्य नगर विधायक अमिताभ बाजपेई का धरना, पुलिस पर कार्रवाई की मांग

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रिपोर्ट- हनुमन्त सिंह पिन्टू

कानपुर। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमिताभ बाजपेई का सोमवार को थाना फीलखाना क्षेत्र में एक अलग अंदाज में प्रदर्शन देखने को मिला। विधायक अमिताभ बाजपेई एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर बीट चौकी पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान में काम करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के दौरान रातभर पट्टे से पीटा। विधायक ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामले को लेकर पुलिस और विधायक के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जहां विधायक अमिताभ बाजपेई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित मारपीट की जांच और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, वहीं एसीपी कोतवाली अमित पाण्डे ने पुलिस पर मारपीट के आरोप से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब तीन किलो चांदी और कुछ नकदी चोरी होने की सूचना के बाद कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था।

चोरी की सूचना के बाद पुलिस ने शुरू की पूछताछ

मिली जानकारी के अनुसार, थाना फीलखाना क्षेत्र में एक दुकान से चांदी और नकदी चोरी होने की शिकायत पुलिस को दी गई। पीड़ित राजेश अग्रवाल का कहना है कि कुछ लोग दुकान तोड़कर करीब चार लाख रुपये नकद और लगभग डेढ़ किलो चांदी लेकर चले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने थाना फीलखाना में इसकी सूचना दी।

इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। चोरी की घटना से जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने लाए जाने की बात कही। पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए पूछताछ की जा रही थी।

हालांकि, इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के दौरान पट्टे से मारा। इसी आरोप को लेकर आर्य नगर विधायक अमिताभ बाजपेई मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।

बीट चौकी पर धरने पर बैठे विधायक

अमिताभ बाजपेई ने मामले को गंभीर बताते हुए थाना फीलखाना की बीट चौकी पर धरना शुरू कर दिया। विधायक का कहना था कि जिस व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई है, वह निर्दोष है और दुकान पर काम करता है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उसे रातभर पूछताछ के दौरान प्रताड़ित किया।

विधायक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से किसी मामले में पूछताछ करनी है तो पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ अनुचित व्यवहार या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विधायक के धरने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान मामले को लेकर पुलिस और विधायक के बीच बातचीत हुई।

पुलिस ने मारपीट के आरोप से किया इनकार

वहीं, एसीपी कोतवाली अमित पाण्डे ने पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को करीब तीन किलो चांदी और कुछ नकदी की चोरी की सूचना मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था।

एसीपी के मुताबिक, पुलिस का उद्देश्य चोरी की घटना का खुलासा करना और मामले में शामिल लोगों तक पहुंचना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की और चोरी की घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस के इस बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग सामने आ गए हैं। एक ओर विधायक कथित मारपीट की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस ने किसी भी तरह की मारपीट से इनकार किया है।

पीड़ित ने बताई चोरी की घटना

दूसरी ओर, दुकान मालिक राजेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान को तोड़कर चोरी की गई। उनके मुताबिक, चोर दुकान से करीब चार लाख रुपये नकद और लगभग डेढ़ किलो चांदी ले गए। उन्होंने घटना की सूचना थाना फीलखाना पुलिस को दी है।

राजेश अग्रवाल के बयान के बाद पुलिस ने चोरी की घटना की जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की वारदात किस तरह हुई और इसमें कौन लोग शामिल हैं। इसके लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।

चोरी की शिकायत और पूछताछ के दौरान कथित मारपीट का आरोप सामने आने से मामला चर्चा में आ गया है। विधायक के धरने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई और जांच पर भी लोगों की नजर है।

निष्पक्ष जांच की मांग

विधायक अमिताभ बाजपेई का कहना है कि चोरी की घटना की जांच अपनी जगह है, लेकिन पूछताछ के नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ कथित मारपीट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी के मामले में पूछताछ कानून के अनुसार की जा रही है। पुलिस ने किसी व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूछताछ के दौरान किसी तरह की अनुचित कार्रवाई हुई थी या नहीं।

फिलहाल पुलिस चोरी की घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है। साथ ही विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होने की उम्मीद है।

पुलिस जांच से सामने आएगी सच्चाई

थाना फीलखाना क्षेत्र में चोरी की शिकायत, संदिग्धों से पूछताछ और कथित मारपीट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। विधायक अमिताभ बाजपेई के धरने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।

हालांकि, अभी तक किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। पुलिस जहां चोरी के माल और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, वहीं विधायक कथित मारपीट के आरोप की निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम हैं।

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