बिजनौर में वन विभाग की रेंज से लकड़ी भरा ट्रक ले जाने का मामला, भाकियू तोमर जिलाध्यक्ष समेत 2 गिरफ्तार
रिपोर्ट- तापिश मिर्जा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में वन विभाग की रेंज कार्यालय से लकड़ी से भरा ट्रक जबरन ले जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिलाध्यक्ष सचिन गुप्ता और अमरकांत शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मामला सामने आने के बाद वन विभाग और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई थी। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान लकड़ी से लदे एक ट्रक को पकड़ा था। ट्रक को विभागीय रेंज कार्यालय परिसर में रखा गया था। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोग कार्यालय पहुंचे और वहां से लकड़ी से भरे ट्रक को जबरन ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की ओर से पुलिस को सूचना दी गई।
वन विभाग के कार्यालय से ट्रक ले जाने का आरोप
बताया गया है कि वन विभाग द्वारा पकड़े गए लकड़ी से लदे ट्रक को नियमानुसार रेंज कार्यालय में रखा गया था। विभागीय कार्रवाई के बाद ट्रक वन विभाग के कब्जे में था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कार्यालय परिसर से ट्रक को ले जाने का मामला सामने आया।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू की। वहीं, वन विभाग की ओर से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचना दी गई।
प्रकरण में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को कुछ लोगों की संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सचिन गुप्ता और अमरकांत को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस फरार बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए वाहन को विभागीय परिसर से ले जाने के मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से हो सकेगी।
एसपी ने प्रेस वार्ता कर किया मामले का खुलासा
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी साझा की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की ओर से यह भी बताया गया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों, संबंधित लोगों और घटनाक्रम की परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है।
वन विभाग की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले की शुरुआत वन विभाग द्वारा लकड़ी से लदे ट्रक को पकड़े जाने के बाद हुई। वन विभाग की ओर से पकड़े गए वाहन को रेंज कार्यालय में रखा गया था। इसके बाद ट्रक को कार्यालय से ले जाने की घटना सामने आई।
सरकारी विभाग के कब्जे में रखे वाहन के इस तरह ले जाए जाने की सूचना के बाद संबंधित अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए।
दरअसल, वन विभाग अवैध कटान, लकड़ी के अवैध परिवहन और वन संपदा से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करता है। ऐसे मामलों में जब्त किए गए वाहनों और लकड़ी को विभागीय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाता है। इसलिए किसी जब्त वाहन को विभागीय परिसर से ले जाने का आरोप सामने आने पर पुलिस और वन विभाग दोनों के स्तर पर जांच शुरू होना स्वाभाविक है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस की कार्रवाई फिलहाल दो गिरफ्तारियों तक पहुंची है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी बताई जा रही है। पुलिस जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को वन विभाग के कार्यालय से ले जाने की पूरी प्रक्रिया किस तरह हुई।
इसके अलावा पुलिस घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस की कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में चर्चा
बिजनौर में सामने आए इस मामले को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा है। खासतौर पर वन विभाग के कार्यालय से जब्त ट्रक ले जाने का आरोप होने के कारण प्रकरण को गंभीरता से देखा जा रहा है।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने और सभी संबंधित तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

