कानपुर के यूएचएम उर्सला अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़, रोज पहुंच रहे 250 से 300 मरीज
रिपोर्ट- हनुमन्त सिंह पिन्टू
कानपुर। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल यूएचएम उर्सला अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में सोमवार को मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए अस्पताल पहुंचते रहे। ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों में कमर दर्द, गर्दन के दर्द और जोड़ों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की शिकायत करने वाले लोगों की संख्या अधिक रही।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, हड्डी रोग ओपीडी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज जोड़ों के दर्द की समस्या लेकर आते हैं। इसके अलावा घुटनों, कमर और गर्दन के दर्द से परेशान मरीज भी बड़ी संख्या में चिकित्सकीय सलाह लेने पहुंचते हैं। डॉक्टर के अनुसार, मरीजों की यह संख्या केवल सोमवार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य दिनों में भी ओपीडी में लगातार काफी भीड़ रहती है।
जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे ज्यादा मरीज
यूएचएम उर्सला अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में आने वाले मरीजों में जोड़ों के दर्द की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आ रही है। कई मरीज घुटनों में दर्द, चलने में परेशानी और लंबे समय से बनी समस्या के कारण अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं कुछ मरीजों को कमर और गर्दन में दर्द की शिकायत है।
डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज आते हैं। इनमें बड़ी संख्या जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की होती है। इसके अलावा कमर दर्द, गर्दन दर्द और शरीर के अलग-अलग जोड़ों से संबंधित समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।
ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से दर्द की समस्या है या रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो उसे इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच कराने से समस्या की सही वजह का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
सोमवार को सुबह से ही नजर आई मरीजों की भीड़
सोमवार को यूएचएम उर्सला अस्पताल में हड्डी रोग ओपीडी शुरू होने के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दी। अस्पताल में कई मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कुछ मरीज अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे, जबकि कई लोग खुद चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए अस्पताल आए।
ओपीडी में आने वाले मरीजों में उम्रदराज लोगों की संख्या भी दिखाई दी। बढ़ती उम्र के साथ घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द की समस्या आम तौर पर सामने आती है। हालांकि, वर्तमान समय में केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि कामकाजी उम्र के लोग भी कमर और गर्दन से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करना, गलत पोश्चर और रोजमर्रा की गतिविधियों में शारीरिक दबाव जैसी परिस्थितियां भी कमर और गर्दन से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकती हैं। इसलिए काम के दौरान सही मुद्रा बनाए रखना और शरीर को पर्याप्त आराम देना महत्वपूर्ण माना जाता है।
लगातार बैठकर काम करने वालों में भी समस्या
आज के समय में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य डेस्क आधारित काम के कारण लोगों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि कम हो गई है। परिणामस्वरूप कमर और गर्दन में दर्द जैसी शिकायतें कई लोगों को परेशान करती हैं।
यूएचएम उर्सला अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो लंबे समय तक बैठकर काम करने के बाद कमर या गर्दन के दर्द की शिकायत करते हैं। वहीं, रोजमर्रा के काम और उम्र से जुड़ी समस्याओं के कारण कई लोगों को घुटनों तथा दूसरे जोड़ों में दर्द का सामना करना पड़ता है।
इसलिए चिकित्सकीय विशेषज्ञों की सलाह है कि लगातार एक ही स्थिति में बैठने से बचना चाहिए। काम के दौरान बीच-बीच में थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना और बैठने की मुद्रा पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।
समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी
हड्डी और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विशेषज्ञ समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दे रहे हैं। कई बार लोग शुरुआती दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि दर्द लगातार बना रहे या उसकी वजह से चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियों में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
विशेषज्ञ मरीज की समस्या और लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा मरीजों को अपनी दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों और काम करने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि हर व्यक्ति में दर्द का कारण अलग हो सकता है। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना अधिक उचित है।
ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज
डॉ. आशीष मिश्रा के अनुसार, हड्डी रोग ओपीडी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज पहुंचते हैं। सोमवार को भी मरीजों की संख्या इसी स्तर के आसपास रही। ओपीडी में लगातार मरीजों की संख्या बनी रहना इस बात को दर्शाता है कि हड्डी और जोड़ों से संबंधित समस्याएं बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर रही हैं।
मरीजों में घुटनों, कमर, गर्दन और शरीर के विभिन्न जोड़ों से संबंधित शिकायतें देखने को मिल रही हैं। खास तौर पर जोड़ों के दर्द की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या अधिक बताई गई है।
इसके साथ ही उम्रदराज मरीजों के अलावा ऐसे लोग भी अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनकी दिनचर्या में लंबे समय तक बैठना या शारीरिक गतिविधियों की कमी शामिल है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित दिनचर्या और शरीर की जरूरत के अनुसार गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं।
मरीजों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह
हड्डी रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर में लगातार बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि कमर, गर्दन, घुटने या किसी अन्य जोड़ में लगातार दर्द बना हुआ है, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहतर है।
इसी तरह, दर्द के कारण दैनिक काम करने में परेशानी हो रही हो या चलने-फिरने में असुविधा महसूस हो रही हो, तो समय पर जांच कराना जरूरी हो सकता है। इससे समस्या की स्थिति समझने और उचित उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

