इटावा में रामगोपाल यादव का बड़ा बयान, मिलावट और दवाओं की कीमतों पर उठाए सवाल

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रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान 

इटावा: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने देश में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट, दवाओं की कीमतों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इटावा में दिए बयान में उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट और नकली दवाओं की समस्या लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने दवाओं की कीमतों को लेकर भी नियमन की जरूरत बताई।

रामगोपाल यादव ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और दवाओं की गुणवत्ता से जुड़े मामलों पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। उनके मुताबिक, निजी लाभ के लिए यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट या दवाओं के निर्माण में अनियमितता होती है तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। उन्होंने लोगों से भी खान-पान और दवाओं के मामले में सावधानी बरतने की अपील की।

पनीर में मिलावट का उठाया मुद्दा

सपा महासचिव ने खाद्य पदार्थों में मिलावट का उदाहरण देते हुए पनीर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पनीर में मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आती हैं और इसके कारण कुछ लोग अब पनीर का सेवन करने से भी बच रहे हैं। हालांकि, उनके इस दावे से जुड़े किसी विशिष्ट आंकड़े का उन्होंने उल्लेख नहीं किया।

रामगोपाल यादव ने महाराष्ट्र में खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण देते हुए तुकाराम मुंडे का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि वहां मिलावट के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई और कई रेस्टोरेंट तथा प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का प्रभावी तरीके से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

दवाओं की कीमतों पर भी उठाए सवाल

रामगोपाल यादव ने दवाओं की कीमतों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दवा के निर्माण और अन्य खर्चों के बाद कीमत में सीमित बढ़ोतरी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, कई दवाओं पर अधिक एमआरपी होने के कारण मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि महंगे इलाज के कारण आम आदमी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए दवा कंपनियों की कीमत निर्धारण प्रक्रिया और एमआरपी की निगरानी को लेकर अधिक पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना

यूपी पुलिस को लेकर हाईकोर्ट की कथित फटकार के सवाल पर भी रामगोपाल यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पुलिस द्वारा गोली चलाने, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के इस्तेमाल तथा संपत्तियों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।

रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई से लोगों की संपत्ति और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस या सरकार का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।

देश में अघोषित आपातकाल का लगाया आरोप

सपा नेता ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि देश में एक तरह का अघोषित आपातकाल जैसा माहौल है। इसकी तुलना उन्होंने वर्ष 1975 की इमरजेंसी से करते हुए कहा कि उस समय आपातकाल खत्म होने के बाद जेल में बंद कई लोगों की रिहाई हुई थी और राजनीतिक मामलों में बदलाव आया था।

रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में मुकदमों और कानूनी कार्रवाई के कारण लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को लेकर भी चिंता जताई। हालांकि, ये उनके राजनीतिक विचार और आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं की जा सकती।

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भी बोले रामगोपाल यादव

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर पूछे गए सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा कि उन्हें इससे कोई बड़ा परिणाम सामने आता हुआ नजर नहीं आया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सम्मेलन के दौरान इन मामलों में समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल होती तो इसका सकारात्मक असर पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि युद्ध का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

2027 विधानसभा चुनाव पर बीजेपी को लेकर दावा

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी रामगोपाल यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर जनता और राजनीतिक विश्लेषक उनसे ज्यादा जानते हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यदि परिस्थितियां सामान्य और निष्पक्ष रहीं तो भारतीय जनता पार्टी समाजवादी पार्टी के मुकाबले टिक नहीं पाएगी।

रामगोपाल यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। सपा और भाजपा के बीच चुनावी मुकाबले को लेकर दोनों दल लगातार अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।

कुल मिलाकर, इटावा में रामगोपाल यादव ने स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, दवाओं की कीमत, पुलिस कार्रवाई, लोकतांत्रिक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनके बयान में सरकार और प्रशासन को लेकर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए गए, जबकि खाद्य सुरक्षा और दवाओं की कीमतों को लेकर उन्होंने नियमन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

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