मेरठ में मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में थाना परतापुर पुलिस और स्वाट नगर टीम को अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय अवैध असलाह तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ भी हुई। इसमें एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। वहीं, मौके से भागे उसके तीन साथियों को पुलिस ने बाद में चलाए गए सघन कांबिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 अवैध पिस्टल .32 बोर, 20 जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद हुई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
दिल्ली के व्यक्ति को पिस्टल बेचने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, 13/14 सितंबर की देर रात थाना परतापुर पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि मेरठ के रहने वाले तीन युवक दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को अवैध पिस्टल बेचने के इरादे से अच्छरोंडा-बहादुरपुर मार्ग पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के अंडरपास के पास पहुंचने वाले हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना परतापुर पुलिस और स्वाट नगर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान के आसपास घेराबंदी कर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी का अंदाजा होने के बाद संदिग्धों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया।
हालांकि, पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तीन आरोपी
मुठभेड़ के दौरान तीन अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आसपास के इलाकों में तत्काल सघन कांबिंग अभियान शुरू किया गया।
पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश तेज कर दी। इसी अभियान के दौरान पुलिस को सफलता मिली और फरार तीनों आरोपियों को काशीराम योजना स्थित एक खंडहरनुमा भवन से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस प्रकार पुलिस ने मुठभेड़ के बाद कुछ ही समय में पूरे गिरोह के चार सदस्यों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पूछताछ में सामने आए तीन अन्य आरोपियों के नाम
प्रेसवार्ता में पुलिस कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि थाना परतापुर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्ययोजना के तहत यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस को अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय अवैध असलाह तस्करी गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली है।
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आरोपी की पहचान आमीर पुत्र हाजी फरियाद, निवासी वेलकम कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि आमीर से पूछताछ के आधार पर गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने शोएब, शादान उर्फ पकौड़ी और साजिद को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और उनके नेटवर्क से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
सात अवैध पिस्टल और 20 कारतूस बरामद
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, कुल 7 अवैध पिस्टल .32 बोर बरामद हुई हैं। इसके अलावा 20 जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।
इसके साथ ही पुलिस को एक चोरी की मोटरसाइकिल और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी मिली है। बरामद वाहनों के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल गिरोह द्वारा किस तरह किया जाता था और क्या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक मामला भी जुड़ा हुआ है।
अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के लिए इस कार्रवाई की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि गिरोह का संपर्क मेरठ के अलावा दिल्ली से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर हथियारों की तस्करी करता था या इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों तक फैले हुए हैं।
इसके अलावा पुलिस हथियारों की सप्लाई के संभावित स्रोत, खरीदारों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
हालांकि, पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ को अभी प्रारंभिक चरण में बताया है। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही गिरोह के पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली पुलिस टीम की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति ने टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, समय पर मिली सूचना और पुलिस टीम की रणनीति के कारण अवैध हथियारों की तस्करी की कोशिश को रोकने में सफलता मिली। साथ ही फरार आरोपियों को भी तेजी से चलाए गए कांबिंग अभियान के जरिए गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की जांच जारी
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का मुख्य फोकस अवैध हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाने पर है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि बरामद पिस्टल कहां से लाई गई थीं और इन्हें किन लोगों को बेचने की तैयारी थी।
साथ ही आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और क्या किसी अन्य जिले या राज्य में भी इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं।

