मथुरा में सपा नेता पर महिला उत्पीड़न के आरोप, हिंदू संगठनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलने की कही बात

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: सोशल मीडिया पर वायरल बताई जा रही कुछ व्हाट्सऐप चैट को लेकर मथुरा में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हिंदू संगठनों ने इन चैट के आधार पर समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता डॉ. राजन रिजवी पर एक हिंदू महिला के कथित उत्पीड़न से संबंधित गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई चैट में महिला को कथित तौर पर सपा सरकार बनने पर आईएएस बनाने जैसी बात कही गई है। हालांकि, वायरल चैट की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस मामले को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा के संत प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा और परशुराम शोभा यात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राम गोपाल शर्मा ने नाराजगी जताई है। दोनों नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

वायरल व्हाट्सऐप चैट को लेकर उठे सवाल

हिंदू संगठनों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आई कथित व्हाट्सऐप चैट में एक महिला के साथ बातचीत का दावा किया जा रहा है। संगठनों का आरोप है कि बातचीत में राजनीतिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए महिला को सपा सरकार आने पर आईएएस बनाने जैसी बात कही गई।

इसके साथ ही संगठनों ने महिला के कथित उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता और वायरल चैट की प्रामाणिकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में मामले से जुड़े सभी पक्षों का सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संगठनों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामग्री सामने आने के बाद इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वायरल चैट वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है।

पति द्वारा पुलिस में शिकायत का दावा

पंडित राम गोपाल शर्मा ने दावा किया कि संबंधित महिला के पति की ओर से पुलिस में शिकायत भी की गई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है।

राम गोपाल शर्मा के अनुसार, सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से पूरे प्रकरण की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई कथित चैट और महिला के पति की शिकायत समेत पूरे मामले को पुलिस के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की तैयारी

हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे इस मामले को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उनका उद्देश्य संबंधित शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की जांच कराना है।

राम गोपाल शर्मा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के सामने मामले के सभी तथ्यों को रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच के बाद आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि वायरल चैट या आरोपों में कोई तथ्यात्मक आधार नहीं मिलता है तो जांच के माध्यम से स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।

इस पूरे मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से हिंदू संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल बताई जा रही चैट पर आधारित है।

पंडित संजय हरियाणा ने भी जताई नाराजगी

अखिल भारत हिंदू महासभा के संत प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने कहा कि मथुरा एक धार्मिक और महत्वपूर्ण नगरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर सामने आए मामले से शहर की छवि प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी महिला के साथ उत्पीड़न या दबाव से संबंधित शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच करने की मांग की।

संजय हरियाणा ने यह भी कहा कि संगठन इस विषय को लेकर जल्द ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग रखेगा।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

वायरल सोशल मीडिया सामग्री से जुड़े मामलों में यह जरूरी है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित सामग्री की सत्यता की जांच की जाए। इसी वजह से इस मामले में भी वायरल बताई जा रही व्हाट्सऐप चैट की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का बयान महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल हिंदू संगठनों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की घोषणा की है। प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद पुलिस मामले की जांच को लेकर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

वहीं, संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे। हालांकि, फिलहाल प्राथमिकता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने शिकायत और उपलब्ध सामग्री प्रस्तुत कर जांच की मांग करना बताई गई है।

मथुरा जैसे संवेदनशील धार्मिक शहर में ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन के लिए भी निष्पक्ष जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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