यूपी के 20 शहरों में बारिश, नोएडा में छाया अंधेरा, योगी ने अफसरों को दिए सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश में मानसून जाते-जाते एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, झांसी समेत करीब 20 शहरों में तेज बारिश हुई। बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिली। नोएडा में दोपहर करीब 2 बजे अचानक आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके कुछ ही देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दूसरी ओर तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही प्रशासन को भी सड़कों, नालियों और जल निकासी की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
20 शहरों में तेज बारिश से बदला मौसम
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के करीब 20 शहरों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ समेत पश्चिमी, मध्य और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिला। नोएडा और गाजियाबाद में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला। आसमान में बादल छाने के बाद तेज बारिश हुई।
आगरा और झांसी समेत अन्य जिलों में भी बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, कई जगहों पर बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की विदाई से पहले वातावरण में मौजूद नमी और मौसमी सिस्टम की सक्रियता के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर बन सकता है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
नोएडा में दोपहर में छाया अंधेरा
नोएडा में शुक्रवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 2 बजे आसमान में इतने घने बादल छा गए कि दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। वहीं, कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की जानकारी सामने आई। स्थानीय स्तर पर लोगों ने बारिश के वीडियो और तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें मौसम में अचानक आए बदलाव को देखा जा सकता है।
बुलंदशहर में नदी में समाया श्मशान घाट
बारिश और जलस्तर बढ़ने का असर बुलंदशहर में भी दिखाई दिया। यहां नदी के बढ़े जलस्तर के कारण श्मशान घाट का एक हिस्सा प्रभावित हुआ और नदी की धारा में समा गया। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया गया।
लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी ऐसे इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जहां जलस्तर बढ़ने या जलभराव की आशंका हो सकती है।
योगी ने अफसरों को दिए सड़कें ठीक करने के निर्देश
बारिश के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सड़क व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न होने देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि बारिश के बाद सड़कों पर बने गड्ढों और जलभराव की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। इसके साथ ही जल निकासी की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाए रखने की जरूरत बताई गई है।
दरअसल, मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति कई शहरों में चुनौती बन जाती है। ऐसे में बारिश के बाद सड़क मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
आज सभी 75 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार के बाद शनिवार को भी उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य और पूर्वी हिस्सों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत है।
हालांकि, बारिश हर क्षेत्र में एक जैसी नहीं होगी। कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का बदलाव
सितंबर में बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। खरीफ की फसलों के लिए बारिश जहां कई क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है, वहीं जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
इसलिए किसानों को अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां लगातार बारिश हो रही है, वहां खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।
जलभराव वाले इलाकों पर प्रशासन की नजर
मानसून की सक्रियता को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों पर प्रशासन और नगर निकायों को विशेष निगरानी रखनी होगी। नालियों की सफाई, जल निकासी पंपों की उपलब्धता और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना जरूरी है।
इसके अलावा, नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की चेतावनी जारी होने पर लोगों को उसका पालन करना चाहिए।
मानसून की विदाई से पहले फिर बदला मौसम
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आने के बावजूद बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार की बारिश ने साफ कर दिया कि मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।
फिलहाल, लोगों को सलाह है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं, प्रशासन के लिए सड़कों की मरम्मत, जल निकासी और संवेदनशील इलाकों की निगरानी प्राथमिकता बनी हुई है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून जाते-जाते फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को 20 से अधिक शहरों में हुई बारिश और शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश के पूर्वानुमान ने मौसम विभाग के अलर्ट को महत्वपूर्ण बना दिया है। ऐसे में अगले कुछ दिन यूपी के मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।

