कानपुरः चौबेपुर में सड़क पर पहुंचा मगरमच्छ, रौतापुर-उमरी गांव के राहगीरों में मचा हड़कंप
रिपोर्ट- सुहैल अंसारी
चौबेपुर: कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में रंजीतपुर रजबहे से निकलकर एक मगरमच्छ के सड़क तक पहुंचने से ग्रामीणों और राहगीरों के बीच चिंता का माहौल बन गया। मगरमच्छ को रौतापुर और उमरी गांव के बीच सड़क पर देखा गया, जिसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मामले की सूचना संबंधित विभाग को देकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, चौबेपुर क्षेत्र के रंजीतपुर रजबहे में पिछले कुछ समय से मगरमच्छ दिखाई देने की बात सामने आती रही है। अब इसी रजबहे से निकलकर मगरमच्छ सड़क तक पहुंच गया। रौतापुर और उमरी गांव के बीच सड़क पर मगरमच्छ दिखाई देने के बाद राहगीरों ने सतर्कता बरती और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आसपास के लोगों में भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई।
रजबहे में पहले भी दिखाई दिया था मगरमच्छ
ग्रामीणों का कहना है कि रंजीतपुर रजबहे में मगरमच्छ पहले भी दिखाई दे चुका है। इससे पहले जब ग्रामीणों ने रजबहे में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना दी थी, तब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास भी किया था। हालांकि, अब दोबारा मगरमच्छ के रजबहे से निकलकर सड़क तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, रजबहे के आसपास खेत और गांव होने के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में मगरमच्छ का सड़क के आसपास दिखाई देना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खेती-किसानी और रोजमर्रा के काम के लिए अक्सर रजबहे तथा उसके आसपास के रास्तों से होकर गुजरते हैं।
सड़क पर मगरमच्छ दिखने से राहगीर हुए सतर्क
रौतापुर और उमरी गांव के बीच सड़क पर मगरमच्छ दिखाई देने की जानकारी मिलते ही राहगीरों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की जानकारी दी। वहीं, लोगों का कहना है कि मगरमच्छ को देखकर उसके करीब जाने के बजाय वन विभाग को सूचना देना ही उचित है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रजबहे या सड़क क्षेत्र से हटाकर उचित स्थान पर पहुंचाए। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को राहत मिल सकेगी।
वन विभाग से अभियान चलाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि मगरमच्छ पहले भी रजबहे में दिखाई दे चुका है और अब सड़क तक पहुंचने से यह स्पष्ट है कि वह आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है। इसलिए विभाग को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि केवल एक बार अभियान चलाने के बजाय रजबहे के आसपास के क्षेत्र की दोबारा निगरानी की जरूरत है। यदि मगरमच्छ लगातार इसी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, तो उसके संभावित ठिकाने की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए।
रजबहे के आसपास निगरानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, जलस्रोतों के आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी संभव है। ऐसे में जहां किसी मगरमच्छ के दिखाई देने की सूचना मिलती है, वहां लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और वन्यजीव के करीब जाने से बचना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि रंजीतपुर रजबहे के आसपास लगातार निगरानी होने से इस तरह की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, सड़क तक मगरमच्छ पहुंचने की घटना ने एक बार फिर रजबहे के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का ध्यान इस ओर खींचा है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यक कदम उठाए।
ग्रामीणों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
मगरमच्छ देखे जाने के बाद स्थानीय लोगों ने आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि मगरमच्छ दोबारा दिखाई देता है तो उसे पकड़ने या उसके पास जाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने रजबहे और उसके आसपास के रास्तों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत बताई है। उनका मानना है कि यदि समय रहते वन विभाग की टीम सक्रिय होती है तो मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसे उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
पहले प्रयास के बाद दोबारा सामने आया मामला
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि रंजीतपुर रजबहे में मगरमच्छ पहले भी दिखाई देने की सूचना सामने आई थी। उस समय वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और उसे पकड़ने का प्रयास किया गया था। अब दोबारा मगरमच्छ के सड़क तक पहुंचने से ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग है कि विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रजबहे के आसपास खोज अभियान चलाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि मगरमच्छ किस स्थान से सड़क तक पहुंच रहा है और वह आसपास के क्षेत्र में कितनी दूरी तक जा सकता है। इससे भविष्य में लोगों को सतर्क करने और वन्यजीव की सुरक्षित निगरानी में मदद मिल सकती है।
सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वन विभाग की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करेगी। ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव और इंसानों के बीच किसी तरह का टकराव न हो, इसके लिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
फिलहाल, रौतापुर और उमरी गांव के आसपास मगरमच्छ दिखाई देने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि रंजीतपुर रजबहे में पहले भी मगरमच्छ दिखाई दे चुका है, इसलिए इस बार विभाग को व्यापक स्तर पर निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाना चाहिए।

